फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diabetes Tips: चीनी से अलावा इन चीजों से भी बढ़ सकता है ब्लड शुगर लेवल, डायबिटीज रोगी बरतें ये सावधानियां

Tue, 16 Sep 2025 07:00 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिससे हमारे देश के 10 करोड़ से अधिक लोग परेशान हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि ब्लड शुगर लेवल सिर्फ चीनी खाने से बढ़ता है, लेकिन यह धारणा गलत है, इसके अलावा हमारे डाइट में ऐसी कई चीजें होती हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
Importance of Carbohydrates in Diabetes: हमारे देश की बड़ी आबादी डायबिटीज यानी मधुमेह से ग्रसित है, यह एक ऐसी बीमारी है जो हमारे शरीर को भीतर से खोखला करती देती है।  ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लांसेट के 2023 के शोध के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक (101 मिलियन) लोगों को डायबिटीज है और लगभग 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज से पीड़ित हैं, जिन्हें भविष्य में डायबिटीज होने का अधिक खतरा है। 

इस बीमारी को लेकर अक्सर लोग मानते हैं कि ब्लड शुगर का स्तर केवल मीठी चीजें खाने से ही बढ़ता है, लेकिन यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि हमारे भोजन में मौजूद कुछ अन्य चीजें और हमारी जीवनशैली से जुड़ी कई आदतें भी ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती हैं। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो इन बातों को जानना और समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
कार्बोहाइड्रेट्स - फोटो : Adobestock
कार्बोहाइड्रेट्स हैं ब्लड शुगर के मुख्य स्रोत
विशेषज्ञों के अनुसार हमारे शरीर में ब्लड शुगर का एक बड़ा स्रोत कार्बोहाइड्रेट्स होता है। गेहूं, चावल, आलू, ब्रेड और पास्ता जैसी चीजों में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते हैं। जब हम इन चीजों का सेवन करते हैं, तो हमारा शरीर इन्हें तोड़कर ग्लूकोज में बदल देता है।

यह ग्लूकोज सीधे रक्तप्रवाह में मिलकर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देता है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को इन चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि सिर्फ चीनी से दूरी बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी डाइट में कार्ब्स की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।

ये भी पढ़ें- Alert: मोबाइल-कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल कहीं आपको समय से पहले बूढ़ा न बना दे? अभी से हो जाइए सावधान
 
विज्ञापन

3 of 5
तनाव से बढ़ सकता है शुगर लेवल - फोटो : Freepik.com
तनाव और ब्लड शुगर का सीधा संबंध
अक्सर हम तनाव को हल्के में लेते हैं लेकिन यह मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों के लिए एक बड़ा खतरा है। जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन बनते हैं, जो इंसुलिन के असर को कम कर देते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है।

इसलिए, सिर्फ खाने-पीने का ध्यान रखना ही काफी नहीं है, बल्कि शुगर को नियंत्रित रखने के लिए मानसिक शांति बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़ें- Health Tips: इन गलतियों की वजह से शरीर में अक्सर बना रहता है थकान, आज से ही बरतें ये सावधानियां

4 of 5
सैडेंटरी लाइफस्टाइल - फोटो : Freepik
नींद की कमी और सैडेंटरी लाइफस्टाइल
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपर्याप्त नींद भी आपके ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है? रात में कम सोने से शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है, जिससे कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम प्रतिक्रियाशील हो जाती हैं। यही वजह है कि ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

इसी तरह एक सैडेंटरी लाइफस्टाइल भी एक बड़ा कारण है। शारीरिक गतिविधि न करने से शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का ठीक से उपयोग नहीं कर पाती हैं, जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है। नियमित व्यायाम और टहलना ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में बहुत मदद करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फ्लू, सर्दी-जुकाम - फोटो : Freepik.com
अन्य कारण और जरूरी सावधानियां
इन सबके अलावा कुछ अन्य कारण भी हैं जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं। जैसे- डिहाइड्रेशन होने पर ब्लड शुगर बढ़ जाता है, क्योंकि खून में ग्लूकोज की आद्रता बढ़ जाती है। कुछ बीमारियां, जैसे सर्दी या फ्लू होने पर भी शरीर में शुगर लेवल बढ़ सकता है। कुछ दवाएं, जैसे स्टेरॉयड भी ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती हैं।

इन सभी जोखिमों को कम करने के लिए, नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लें, अपनी डाइट का ध्यान रखें, पर्याप्त नींद लें, तनाव से बचें और अपनी जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि को शामिल करें। केवल चीनी से परहेज करना काफी नहीं है, संपूर्ण जीवनशैली में बदलाव ही मधुमेह को नियंत्रित रखने की कुंजी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें