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Health Tips: आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं बाजार में बिकने वाले ये 'हेल्दी फूड्स', बरतें सावधानी

Fri, 25 Jul 2025 07:14 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बाजार में ऐसी कई चीजें मिलती हैं, जिसे हेल्दी बताकर बेचा जाता है। अक्सर ये पैकेट में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जिनके लेबल पर हेल्दी होने का दावा किया जाता है, वो अनहेल्दी होते हैं। आइए इस लेख में ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं।
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जूस - फोटो : Freepik.com
Unhealthy Healthy Foods: आजकल हर कोई स्वस्थ रहना चाहता है, और इसके लिए हम अक्सर बाजार में मिलने वाले उन खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं जिन पर 'हेल्दी', 'नैचुरल' या 'ऑर्गेनिक' का लेबल लगा होता है। मार्केटिंग कंपनियां हमें विश्वास दिलाती हैं कि ये उत्पाद हमारी सेहत के लिए वरदान हैं। लेकिन, सच्चाई अक्सर इस दावे से कोसों दूर होती है।

कई बार, ये तथाकथित 'हेल्दी फूड्स' वास्तव में छिपी हुई चीनी, कृत्रिम सामग्री, अनहेल्दी फैट और अत्यधिक प्रोसेसिंग के कारण हमारी सेहत को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में, यह समझना बेहद जरूरी है कि कौन से खाद्य पदार्थ 'स्वस्थ' होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ आम 'हेल्दी फूड्स' के बारे में जिन पर आपको सावधानी बरतनी चाहिए।
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कोल्ड ड्रिंक्स - फोटो : freepik.com
डाइट सोडा
डाइट सोडा को अक्सर चीनी-मुक्त और शून्य-कैलोरी पेय के रूप में प्रचारित किया जाता है, जिससे यह वजन घटाने वालों के लिए एक स्वस्थ विकल्प लगता है। हालांकि इसमें कैलोरी नहीं होती, लेकिन इसमें कृत्रिम मिठास का उपयोग होता है।

शोध बताते हैं कि ये कृत्रिम मिठास आंत के माइक्रोबायोम (पेट के अच्छे बैक्टीरिया) के संतुलन को भी बिगाड़ सकती हैं। कुछ अध्ययनों ने इन्हें वजन बढ़ने, टाइप 2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा है। इसके अलावा इसकी हाई एसिडिक नेचर दांतों के इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

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फलों के जूस - फोटो : freepik.com
बोतल बंद जूस
बोतल बंद जूस को अक्सर फलों से मिलने वाले विटामिन का एक आसान तरीका माना जाता है। हालांकि इनमें कुछ विटामिन हो सकते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग के दौरान इनमें से फाइबर पूरी तरह से निकल जाता है। फाइबर के बिना फलों में मौजूद प्राकृतिक चीनी (फ्रुक्टोज) बहुत तेजी से ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाती है, जो कि पूरे फल खाने पर नहीं होता।

कुछ ब्रांडों में तो अतिरिक्त चीनी भी मिलाई जाती है। जूस पीने से पेट भी उतनी देर भरा हुआ महसूस नहीं होता जितना पूरा फल खाने से होता है, जिससे आप ज्यादा कैलोरी का सेवन कर सकते हैं। ताजे, साबुत फल खाना हमेशा बोतल बंद जूस से बेहतर विकल्प है।

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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
एनर्जी बार्स
एनर्जी बार्स को अक्सर एक स्वस्थ स्नैक्स विकल्प के रूप में देखा जाता है, खासकर व्यस्त लोगों या कसरत के बाद के लिए। लेकिन, अगर आप इनके पोषण लेबल को ध्यान से पढ़ें, तो पाएंगे कि इनमें से कई एनर्जी बार में अत्यधिक मात्रा में चीनी (कॉर्न सिरप, ग्लूकोज सिरप, या यहां तक कि शहद भी बड़ी मात्रा में) और हेल्दी फैट छिपी होती है। इसलिए इसे खाने से परहेज करना चाहिए, और अगर खाते हैं तो इसके पैकेट पर लिखी जानकारी को अच्छे से जांच लें।
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खान-पान - फोटो : Freepik.com
मल्टीग्रेन ब्रेड
'मल्टीग्रेन' शब्द का मतलब सिर्फ यह है कि इसमें कई तरह के अनाज हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे साबुत अनाज हैं। अक्सर मल्टीग्रेन ब्रेड में भी रिफाइंड अनाज, अतिरिक्त चीनी और अनहेल्दी फैट हो सकती है। 
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खान-पान - फोटो : Freepik.com
ग्लूटेन-फ्री स्नैक्स
ग्लूटेन-फ्री आहार उन लोगों के लिए आवश्यक है जिन्हें सीलिएक रोग या ग्लूटेन सेंसिटिविटी है। लेकिन, बिना जरूरत के ग्लूटेन-फ्री स्नैक्स चुनना हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं होता।

इन स्नैक्स में अक्सर स्वाद और बनावट को बनाए रखने के लिए ज्यादा चीनी, अनहेल्दी फैट और रिफाइंड स्टार्च मिलाया जाता है, जिससे वे अपने ग्लूटेन-युक्त समकक्षों की तुलना में कम पौष्टिक और ज्यादा कैलोरी वाले हो सकते हैं।

नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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