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Vitamin D Superfoods: भीषण ठंड में विटामिन डी की कमी दूर करेंगी ये चार चीजें, आज से ही डाइट में करें शामिल

Sun, 28 Dec 2025 08:05 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vegetarian Foods Rich in Vitamin D: ठंड के मौसम में विटामिन डी कमी होना बहुत आम बात है, इसके पीछे का बड़ा कारण है इस मौसम में धूप कम निकलता है। ऐसे में आप डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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विटामिन-डी - फोटो : freepik.com
Connection Between Mushrooms And Vitamin D: कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण सर्दियों में सूरज की रोशनी कम ही नसीब होती है, जिससे हमारे शरीर में विटामिन डी की भारी कमी होने लगती है। विटामिन डी, जिसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, केवल हड्डियों की मजबूती के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है।

जब शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिलती, तो थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। चूंकि ठंड में धूप बहुत कम होती है और होती भी है तो घंटों धूप में बैठना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, इसलिए आहार के माध्यम से इस कमी को पूरा करना सबसे समझदारी भरा कदम है।

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो 'विटामिन डी' के प्राकृतिक और समृद्ध स्रोत हैं। इन सुपरफूड्स को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करके आप बिना सप्लीमेंट्स के भी अपने शरीर में विटामिन डी के स्तर को सामान्य बनाए रख सकते हैं और सर्दियों की बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।
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ओमेगा-3 - फोटो : freepik.com
फैटी फिश और अंडे का पीला भाग
मांसाहार करने वालों के लिए फैटी फिश (जैसे सैल्मन, मैकेरल और टूना) विटामिन डी का सबसे बेहतरीन स्रोत हैं। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी है। वहीं, जो लोग मछली नहीं खाते, वे अंडे का पीला भाग खा सकते हैं। अंडे के सफेद भाग में प्रोटीन होता है, लेकिन विटामिन डी और हेल्दी फैट इसके पीले हिस्से में ही केंद्रित होते हैं।

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मशरूम - फोटो : Adobe stock
धूप में उगे हुए मशरूम
शाकाहारी लोगों के लिए मशरूम किसी वरदान से कम नहीं है, विशेषकर वे मशरूम जो सूर्य की रोशनी में उगाए जाते हैं। विज्ञान के अनुसार, मशरूम इंसानों की तरह ही धूप के संपर्क में आने पर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी उत्पन्न करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करना सर्दियों में विटामिन डी के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने का एक स्वादिष्ट और प्रभावी तरीका है।

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पनीर - फोटो : Adobe Stock
पनीर
इसके साथ ही, पनीर भी विटामिन डी और कैल्शियम का एक उत्कृष्ट शाकाहारी विकल्प माना जाता है। पनीर न केवल शरीर को प्रोटीन प्रदान करता है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन डी हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और उन्हें अंदर से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित रूप से पनीर का सेवन करने से मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है और जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic
फोर्टिफाइड फूड्स
आजकल बाजार में फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का प्रचलन बढ़ा है। फोर्टिफाइड दूध और दही में अलग से विटामिन डी मिलाया जाता है ताकि शाकाहारी आबादी में इसकी कमी को दूर किया जा सके। रोजाना एक गिलास फोर्टिफाइड दूध पीने से शरीर की दैनिक जरूरत का काफी हिस्सा पूरा हो जाता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ हड्डियों को पोषण देने का सबसे सरल तरीका है।
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थोड़ी धूप जरूर लें - फोटो : Adobe Stock
आहार और थोड़ी सी धूप का संतुलन
विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए केवल डाइट ही नहीं, बल्कि मौका मिलते ही 15-20 मिनट की ताजी धूप लेना भी जरूरी है। सर्दियों में अपनी डाइट में इन चार सुपरफूड्स को शामिल करें और याद रखें कि विटामिन डी वसा में घुलनशील होता है, इसलिए इसे हेल्दी फैट के साथ लेना अधिक प्रभावी होता है। अगर आपको अत्यधिक थकान महसूस हो, तो एक बार ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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