हृदय रोग, हार्ट अटैक का खतरा
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हृदय संबंधित रोगों का बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आज की तेज रफ्तार जिंदगी, तनाव-खानपान और घटती शारीरिक सक्रियता के चलते दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थितियां जो पहले सिर्फ बुजुर्गों से जुड़ी समस्याएं मानी जाती थीं, अब युवा भी इनका शिकार हो रहे हैं।
कई बार ये समस्याएं बिना किसी चेतावनी के सामने आती हैं, लेकिन अच्छी बात ये है कि कुछ खास मेडिकल टेस्ट के जरिए इनका खतरा समय से पहले ही पहचाना जा सकता है।
अध्ययन करते रहे हैं अलर्ट
द लैंसेंट में प्रकाशित साल 2021 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कार्डियक अरेस्ट से हर साल 60 लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डेटा से पता चलता है कि युवाओं में हार्ट अटैक के 30% मामले 40 साल से कम उम्र के लोगों में देखे जा रहे हैं जो काफी चिंताजनक है।
डॉक्टर्स कहते है, अगर नियमित जांच की आदत बना ली जाए तो 80% तक कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं से बचाव किया जा सकता है।