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घंटों कुर्सी पर बैठे रहने वालों को जल्दी चपेट में लेता है तनाव

Wed, 12 Feb 2020 02:20 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली
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depression - फोटो : social media
अगर आप कुर्सी पर ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं तो आपको अवसाद होने का जोखिम ज्यादा रहता है। एक नए अध्ययन में इस बात की जानकारी दी गई है। इस अध्ययन में कहा गया है कि 18 साल तक की उम्र के जो किशोर कुर्सी पर घंटों बैठे रहते हैं उनको तनाव होना का खतरा ज्यादा रहता है। अगली स्लाइड में पढ़िए क्या कहा गया है इस शोध में...

 
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Depression - फोटो : Pixabay
इस अध्ययन के लिए 4,200 किशोरों की एक्टिविटी का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में 12 साल से लेकर 16 साल तक के किशोरों को शामिल किया गया। इसके बाद उनके मानसिक स्वास्थ्य का पता लगाया गया।
 
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depression
शोध में सामने निकल कर आया कि जो बच्चे हर दिन सोफे पर एक घंटे तक बैठे रहते हैं उनको तनाव होने का जोखिम ज्यादा रहता है। ऐसे बच्चों में तनाव होने का जोखिम 10 फीसदी बढ़ जाता है। इससे ज्यादा देर तक कुर्सी या सोफे में बैठे रहने वालों को अवसाद का जोखिम 28.2 फीसदी बढ़ जाता है।

 

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Depression - फोटो : Pixabay
इस अध्ययन से जुड़े लंदन कॉलेज के लेखक आरोन कंडोला का कहना है कि हमारी स्टडी में यह बात निकलकर सामने आई है कि निष्क्रिय बैठे रहने वाले युवाओं को अवसाद जल्द ही अपनी चपेट में लेता है। वहीं, एक्टिव रहने वाले युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है। उनका कहना है कि किशोरों को ज्यादा देर तक सोफे व कुर्सी में खाली बैठे रहने की जगह किसी न किसी तरह की शारीरिक एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए।
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बच्चों में अवसाद - फोटो : pixabay
दरअसल, अवसाद एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान मानसिक तौर पर परेशान हो उठता है। अवसाद सिर्फ कुर्सी पर घंटों बैठे रहने की वजह से ही नहीं बल्कि कई दूसरे कारणों से भी हो सकता है। इनमें अनियमित खानपान और जीवनशैली शामिल है। इसके अलावा काम के तनाव की वजह से भी इंसान तनाव में आता है। रिश्तों में खटास भी तनाव की वजह बनती है।
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