Depression
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इस अध्ययन से जुड़े लंदन कॉलेज के लेखक आरोन कंडोला का कहना है कि हमारी स्टडी में यह बात निकलकर सामने आई है कि निष्क्रिय बैठे रहने वाले युवाओं को अवसाद जल्द ही अपनी चपेट में लेता है। वहीं, एक्टिव रहने वाले युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है। उनका कहना है कि किशोरों को ज्यादा देर तक सोफे व कुर्सी में खाली बैठे रहने की जगह किसी न किसी तरह की शारीरिक एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए।