सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
जहां पहले ग्रुप में 14 साल के टीनएजर्स को शामिल किया गया, तो वहीं दूसरे ग्रुप में 18 साल के टीनएजर्स को रखा गया जो कि डिप्रेशन से जूझ रहे थे। सभी के शरीर की बनावट, ब्रेस्ट, पैर, वजन, पेट, हिप्स, बाल, फेस के बारे में रेटिंग कराई गई। वहीं, जब पता लगाया गया कि ये डिप्रेशन में क्यों हैं तो पता चला कि लड़के और लड़कियां दोनों ही अपने शरीर की बनावट से संतुष्ट नहीं थे, जिसमें लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले ज्यादा थी।