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Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर से हैं परेशान? ये पांच उपाय कर लें तो बिना दवा के भी कर सकते हैं इसे कंट्रोल

Sat, 08 Feb 2025 06:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई ब्लड प्रेशर की अनियंत्रित स्थिति जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए इसका इलाज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है। 120/80 की रीडिंग बताती है कि आपका ब्लड प्रेशर ठीक है। 
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रक्तचाप को करें नियंत्रित - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ना सेहत के लिए कई प्रकार से खतरनाक माना जाता है, इससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर अनियंत्रित बना रहता है उन्हें हार्ट अटैक होने का खतरा हो सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं है, इसपर ध्यान न देना आपकी आंखों, किडनी और कई अन्य महत्वपूर्ण अंगों के लिए भी समस्या बढ़ाने वाला हो सकता है।

जब भी आप ब्लड प्रेशर की जांच के लिए जाते हैं तो आपको दो नंबर प्राप्त होता है। इसे सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहा जाता है। अगर ये अक्सर सामान्य से अधिक या कम बना रहता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है।

हाई ब्लड प्रेशर की अनियंत्रित स्थिति जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए इसका इलाज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है।
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ब्लड प्रेशर के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के बारे में जानिए

जब आपका दिल धड़कता है, तो यह आपके धमनियों के माध्यम से शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त को धकेलता है। यह बल रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाता है, यही आपका सिस्टोलिक रक्तचाप है। वहीं धड़कनों के बीच हृदय के आराम करने के दौरान धमनियों पर पड़ने वाले दबाव को डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहा जाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे  नीचे की संख्या के रूप में जाना जाता है। 
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हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है खतरनाक - फोटो : Freepik.com
कितनी रीडिंग सामान्य है?

अब सवाल उठता है कि ब्लड प्रेशर का रेंज कितना होना सामान्य माना जाता है?

डॉक्टर बताते हैं कि 120/80 की रीडिंग बताती है कि आपका ब्लड प्रेशर ठीक है। यदि सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों में से कोई भी रीडिंग बढ़ा हुआ या बहुत कम है आपको सावधान हो जाना चाहिए। ब्लड प्रेशर बढ़ना आपकी सेहत के लिए जितना खतरनाक है, इसका सामान्य से लगातार कम बने रहना भी सेहत के लिए दिकक्तें बढ़ाने वाला हो सकता है।

जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही हो या आप हार्ट की बीमारी के शिकार हैं तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहना चाहिए। 

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ज्यादा नमक खाने के नुकसान - फोटो : Freepik
ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी हो जाता है। ये पांच उपाय करके आप बिना दवाओं के भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकते हैं।
  • सोडियम का सेवन कम करना- आहार में नमक की मात्रा को कम करके ब्लड प्रेशर को आसानी से कंट्रोल रखा जा सकता है। चिप्स-नमकीन में भी हिडेन सोडियम (नमक) होता है।
  • अध्ययनों से पता चलता है कि एरोबिक व्यायाम (जिससे आपका दिल तेज होती है) भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में सहायक है। रोजाना 30 मिनट के व्यायाम की आदत बनाएं।
  • यदि आपका वजन अधिक है, तो इसे कम करें। अधिक वजन के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।
  • डैश डाइट से ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है। आहार में हरी सब्जियों-फलों को शामिल करने से लाभ मिलता है।
  • धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाकर भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है।
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ब्लड प्रेशर की जांच - फोटो : Freepik.com
घर पर ही करते रहें जांच

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या रही हो उन्हें घर पर ही रक्तचाप की जांच करते रहना चाहिए। घर पर ही ब्लड प्रेशर मॉनिटर मशीन रखें और नियमित अंतराल पर रीडिंग करते रहें। ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकने के लिए आहार पर विशेष ध्यान रखें। खान-पान की सही आदतें और शारीरिक गतिविधि आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मददगार हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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