Medically Reviewed by S.C. Tiwari
डॉ. एस. सी. तिवारी
कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस
हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की अहम भूमिका होती है। विभिन्न शारीरिक क्रियाओं को संपन्न करने के लिए उचित मात्रा में कोलेस्ट्रॉल का शरीर में होना जरूरी है। कोशिका झिल्ली से लेकर विटामिन डी, पाचन और कई तरह के हार्मोन जैसे- एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरॉन, टेस्टोस्टेरॉन, आदि के निर्माण के लिए कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल विटामिन ए, डी, ई और के को शरीर में अवशोषित करने में भी मदद करता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल खून में प्रोटीन और लिपिड से बने संरचनात्मक द्रव के रूप में मौजूद होता है, जिसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है। लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल को खून के माध्यम से शरीर के सभी जरूरी अंगों तक पहुंचाने में मदद करता है। लिपोप्रोटीन मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं, हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन, जिसे गुड यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन, जिसे बैड यानी खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। अब आइए जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं और इसके संकेत क्या हैं?