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जानिए गर्मियों में क्यों होता है हीटस्ट्रोक, इसके लक्षण और बचने के उपाय

Mon, 22 Mar 2021 04:32 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हीटस्ट्रोक ऐसी बीमारी बिल्कुल भी नहीं है जिसे हल्के में लिया जाए - फोटो : Pixabay

गर्मी के मौसम में अधिकांश लोग हीटस्ट्रोक की समस्या से जूझते हैं। हीटस्ट्रोक को लू भी कहा जाता है और यह गर्मियों के मौसम की बीमारी है। हीटस्ट्रोक ऐसी बीमारी बिल्कुल भी नहीं है जिसे हल्के में लिया जाए क्योंकि प्रतिवर्ष गर्मी के मौसम में इससे न जाने कितनी ही मौतें होती है। हीटस्ट्रोक का प्रभाव सभी पर अलग-अलग तरह से पड़ता है क्योंकि सभी की शारीरिक क्षमताएं और उम्र अलग होती है इसलिए बढ़ते तापमान में ख्याल रखना बहुत जरूरी है। अगली स्लाइड्स से डॉ अनिकेत दीक्षित, जनरल फिजिशियन, वेदांत हॉस्पिटल से जानिए सनस्ट्रोक के लक्षण और इससे बचने के उपाय। 

 

 

 

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शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर भी हीट स्ट्रोक हो सकता है - फोटो : Social media

क्यों होता है हीटस्ट्रोक?
जब शरीर का तापमान और वातावरण का तापमान बहुत अधिक होती है तो हीट स्ट्रोक होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर भी हीट स्ट्रोक हो सकता है क्योंकि ऐसा होने पर रक्तसंचार सही ढंग से नहीं हो पाता है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें हीट स्ट्रोक बहुत जल्दी हो सकता है इसलिए शरीर का गर्मियों के दिनों में ख्याल रखना बहुत जरूरी है। 

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सिर में भारीपन और दर्द सा महसूस होना - फोटो : social media

हीट स्ट्रोक के लक्षण
हीट स्ट्रोक होने पर अचानक ही शरीर का तापमान बढ़ जाता है। सिर में भारीपन और दर्द सा महसूस होना, साथ ही दस्त, घबराहट, उल्टी भी हीट स्ट्रोक होने के लक्षण हैं। नाजुक त्वचा वाले लोगों के शरीर पर लाल दाने उठने लगते हैं। हीट स्ट्रोक होने पर शरीर में जकड़न का महसूस होना, बार-बार पेशाब आना भी बहुत सामान्य है। लक्षणों के दिखने पर बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करना चाहिए। 

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अचानक एसी चालू न करें - फोटो : सोशल मीडिया

हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय

तापमान का प्रबंधन करें
हमारे शरीर का तापमान और बाहर का तापमान अलग-अलग होता है। ऐसे में गलती से भी बहुत अधिक धूप में से लौटकर आने पर अचानक एसी चालू न करें या एसी से अचानक धूप में न जाएं। धूप से लौटकर या धूप में एकदम ठंडा पानी न पिएं। इस तरह की चीजें हमारे शरीर के तापमान को गड़बड़ा सकती हैं। 

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लस्सी, जूस, छाछ आदि का सेवन भी करते रहें - फोटो : pixabay

पानी की कमी न होने दें
गर्मियों में यदि शरीर में पानी की कमी हुई तो यह शरीर के तापमान पर प्रभाव डालेगी। जितना अधिक पानी पिएंगे तो शरीर से कितना ही पसीना बह जाए, शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। सही मात्रा में शरीर का तापमान रहे इसलिए पसीने का निकलना भी बहुत जरूरी है इसलिए पानी की कमी न होने दें। लस्सी, जूस, छाछ आदि का सेवन भी करते रहें। 

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सिर को विशेषकर ढकें - फोटो : पीटीआई

खुले शरीर बाहर न निकलें
जब भी बाहर निकलें तो सफेद, पीला और नीला जैसे हल्के रंगों के कपड़े पहनें। यह गर्मी नहीं सोंखते। समर कोट जरूर पहनें और चेहरे को पूरा ढंककर रखें। सिर को विशेषकर ढकें और आंखों पर सनग्लासेज लगाएं। छोटे बच्चों को वैसे तो इतनी गर्मी में लेकर बाहर न निकलें। लेकिन यदि निकल रहे हैं तो सिर से लेकर पैर तक पूरा ढंककर ही ले जाएं। 

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