गंभीर लक्षणों को न करें इग्नोर
- फोटो : Freepik.com
कैसे करें दोनों में अतर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वाइन फ्लू और डेंगू के शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते होते हैं। इसलिए लोग समझ नहीं पाते कि उन्हें कौन सी बीमारी है, पर कुछ संकेतों से आप फर्क कर सकते हैं।
- खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना और सांस से जुड़ी परेशानी स्वाइन फ्लू की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि यह मुख्य रूप से श्वसन संक्रमण है।
- इसके विपरीत डेंगू में तेज बुखार के साथ आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द, मतली-उल्टी और रैशज जैसे हो सकते हैं।
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू गंभीर रूप में ब्लीडिंग और शॉक जैसी स्थितियां पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में जानलेवा भी हो सकता है। इसी तरह स्वाइन फ्लू की गंभीर समस्या में सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, होंठ या चेहरा के नीला पड़ने जैसे समस्या हो सकती है। इसलिए अगर बुखार और अन्य दिक्कतें लगातार बनी हुई हैं तो समय रहते विशेषज्ञ से मिलकर जांच कराएं।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।