फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dengue Alert: डेंगू का शिकार हो गईं अभिनेत्री स्वरा भास्कर, डॉक्टर ने बताया कब खतरनाक हो जाती है बीमारी

Sun, 09 Aug 2026 04:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को डेंगू होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से अपने फैन्स को अपनी सेहत के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर ने बताया कि डेंगू कई बार खतरनाक हो सकता है इसलिए लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
डेंगू का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
मानसून के दिनों में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों डेंगू-मलेरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। अस्पतालों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक रोजाना ओपीडी में तेज बुखार की शिकायत के साथ मरीज आ रहे हैं।

इस बीच बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को डेंगू होने की खबर है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी दी।  एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की और बताया कि उनकी बीमारी तेजी से बढ़ गई। डेंगू के लक्षण कभी-कभी बहुत तेजी से गंभीर हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू के मौसम में सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहना चाहिए। अक्सर लोग शरुआत में इसे सामान्य वायरल बुखार समझ लेते हैं, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण कई दूसरी वायरल बीमारियों जैसे ही हो सकते हैं। हालांकि डेंगू पर समय रहते ध्यान न देने से समस्या काफी तेजी से बढ़ने का खतरा हो सकता है।

आइए डॉक्टर से जानते हैं कि कब डेंगू गंभीर हो सकता है और किसी को डेंगू हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?
विज्ञापन

2 of 5
डेंगू के जोखिमों को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
डेंगू के खतरों को लेकर रहे सावधान
 
डॉक्टर कहते हैं, स्वरा भास्कर के मामले की तरह कई बार डेंगू की जटिलताएं काफी तेजी से बढ़ जाती हैं। बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों-नाक या शौच से खून आने जैसी स्थितियों में गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। ये बीमारी के बढ़ने का संकेत हो सकते हैं।

गंभीर स्थितियों में डेंगू में शरीर में गंभीर रक्तस्राव, सांस लेने में परेशानी, ब्लड प्रेशर कम होने जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। इसलिए मानसून में तेज बुखार को केवल मौसम बदलने का असर मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। डेंगू की आशंका होने पर लक्षणों पर नजर रखना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 5
डेंगू के लक्षणो के बारे में जानिए - फोटो : Amarujala.com/AI
डेंगू और इसके खतरे

डेंगू के वायरस के अलग-अलग सीरोटाइप होते हैं। एक बार संक्रमण होने के बाद भविष्य में दूसरे सीरोटाइप से संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू का जोखिम बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दूसरी बार संक्रमित होने वाले व्यक्ति में गंभीर डेंगू का खतरा अधिक हो सकता है।
 
  • डेंगू के लक्षण हर संक्रमित व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कई लोगों में संक्रमण के बावजूद कोई लक्षण नहीं दिखता। 
  • वहीं कई लोगों में तेज बुखार सबसे आम संकेतों माना जाता है। इसके साथ तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली-उल्टी और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।

4 of 5
डेंगू बुखार के मामले - फोटो : Amarujala.com/AI
कब खतरनाक होता जाता है डेंगू?

कुछ मामलों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है। इसमें  शरीर से प्लाज्मा लीक होने जैसी समस्या हो सकती है। गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी, गंभीर रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने और शॉक जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। कुछ मरीजों में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

इंटेंसिव केयर के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, लगातार पेट दर्द, उल्टी, तेजी से सांस चलने, नाक या मसूड़ों से खून आने के साथ यदि अत्यधिक थकान या बेचैनी महसूस हो रही हो तो ये गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत हो सकते हैं। डेंगू की गंभीर स्थितियों में प्लेटलेट्स काउंट कम होने लगता है, इसी वजह से नाक-मसूड़े और शौच से खून आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेंगू के खतरे को कैसे कम करें? - फोटो : freepik
क्या है डॉक्टर की सलाह?

डॉक्टर कहते हैं, अगर मानसून के दिनों में  तेज बुखार के साथ डेंगू के अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डेंगू की पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जा सकती। इसके लिए समय रहते जांच और बीमारी की स्थिति का पता लगना जरूरी हो जाता है।
 
  • डेंगू में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना सबसे जरूरी है। बुखार और दर्द के लिए दवा खुद से लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए। 
  • डेंगू की आशंका में डिस्प्रिन जैसी दवाओं से बचना जरूरी है ये रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।
  • मरीज को मच्छरों से बचाना भी जरूरी है, क्योंकि बीमारी के दौरान संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काटकर वायरस को दूसरे लोगों तक पहुंचा सकता है। 
  • घर के आसपास जमा न होने दें और मच्छरों को कंट्रोल करने वाले उपाय करते रहें।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें