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Skin Problems: गर्मी-बरसात के मौसम में दाद, खाज और खुजली से बचाव के लिए ये पांच तरीके हैं असरदार

Tue, 30 Jul 2024 09:52 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दाद खाज खुजली का उपचार - फोटो : iStock
डॉ. राजन गांधी
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi


गर्मियां विदा होने को हैं और बारिश बरसने को तैयार है। इस तरह दो मौसमों के मिलने से बहुत सारी मुश्किलें भी उभरती हैं। ये मुश्किलें सामान्य स्तर के अलावा स्वास्थ्य के स्तर पर भी उभरती हैं। त्वचा सम्बन्धी समस्याएं भी इनमें शामिल है। दाद, खाज, खुजली, रैशेज़ जैसी कई समस्याएं इस मौसम में सामने आ सकती हैं। कई बार त्वचा सम्बन्धी समस्याएं सिर्फ मौसम के बदलने पर शरीर के तापमान के बदलने, हवा में नमी के बढ़ने, ज्यादा पसीना आने, हाइजीन का ध्यान न रखने, किसी प्रकार की एलर्जी के सम्पर्क में आने, किसी रसायन के सम्पर्क में आने आदि से हो सकती हैं। ऐसे में कुछ तरीके अपनाना फायदेमंद हो सकता है। खासकर समस्या की शुरुआत में। त्वचा पर पड़ने वाले मौसम के असर को नियंत्रित करने के लिए कुछ बहुत ही सामान्य उपाय कारगर साबित हो सकते हैं। जानिए इनके बारे में। 
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साबुन से त्वचा रोग - फोटो : Istock
नियंत्रण में हो सकते हैं सहायक:

साबुन या केमिकल का प्रयोग


त्वचा रोग की शुरुआत अक्सर खुजली, जलन आदि लक्षणों से होती है। इसकी शुरुआत होते ही सबसे पहले साबुन, परफ्यूम, डियोडरेंट, बॉडी वॉश जैसे हर केमिकल युक्त साधन का प्रयोग एकदम बंद कर दें। केमिकल एलर्जी या संक्रमण को ट्रिगर कर सकते हैं।
 
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ज्वेलरी से स्किन समस्या - फोटो : istock
धातुओं, ज्वेलरी आदि का प्रयोग बंद कर दें

ऐसा कई बार होता है कि गले मे पहनी चेन, हार या हाथों में पहनी चूड़ियां आदि पसीने और धातु के साथ मिलकर त्वचा सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन जाती हैं। खासकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के कारण ऐसा हो सकता है। इसलिए त्वचा पर थोड़ी भी समस्या होते ही इन्हें उतार दें।

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कपड़ों के कारण खुजली - फोटो : iStock
सही परिधान का उपयोग

कॉटन के ऐसे वस्त्र जो पसीने को सोखें और हवा को त्वचा तक पहुंचने दें, उनका ही उपयोग करें। सिंथेटिक कपड़े या जरी,लेस वाले कपड़े त्वचा पर रगड़ पैदा करके या पसीने को जमा करके मुश्किल बढ़ा सकते हैं। इसलिए इन कपड़ों से बचें। साथ ही ढीले कपड़े पहनें।
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त्वचा संबंधी रोगों से बचाव के उपाय - फोटो : iStock
अपने कपड़ों और सामान को अलग रखें

जब तक आप त्वचा रोग का इलाज ले रहे हैं तब तक अपने द्वारा प्रयोग में लाई गई हर चीज को अलग रखें और टॉवल-नैपकिन, अंडर गारमेंट्स जैसी चीजों को सबसे अलग धोएं। विशेषकर यदि आपके घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं तो कोशिश करें कि जितना हो सके उनके सीधे संपर्क में आने से बचें। संक्रमण के दौरान बाकी लोगों के सीधे संपर्क में आने या स्वस्थ लोगों द्वारा उपयोग में लाई जा रही चीजों का इस्तेमाल करने से आप उनको भी संक्रमित कर सकते हैं।
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खुजली करने से बढ़ेगी समस्या - फोटो : iStock
खुजली करने से बचें

यह उपाय मुश्किल हो सकता, विशेषकर जब तक इलाज न मिले। लेकिन संक्रमित जगह पर खुजली न करने से आप संक्रमण या एलर्जी के लक्षणों को बढ़ने से रोक सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि खुजली न करें। ऐसी समस्या नाखूनों में मौजूद मैल और गंदगी के साथ मिलकर और भी गंभीर रूप ले सकती है।
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उपचार - फोटो : iStock
सामान्य एलर्जी या अन्य कारण से त्वचा पर उठने वाले दानों, लाली, खुजली आदि में नारियल तेल, कपूर, नीम का तेल आदि राहत दे सकते हैं लेकिन यदि एक बार इन्हें लगाने या सामान्य उपायों से लक्षणों में कमी आती न दिखे तो तुरंत डॉक्टर को जरूर दिखाएं। डॉक्टर आपको दवाइयों, लोशन आदि के साथ उक्त सावधानियों को भी ध्यान में रखने की सलाह देंगे। यदि आप पहले से इनका ध्यान रखेंगे तो समस्या को जल्दी नियंत्रित कर पाएंगे।

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नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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