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Harvard Study: हृदय रोगों-डिमेंशिया से मौत के खतरे को कम कर सकता है लाइफस्टाइल में एक बदलाव, आप भी कर दें शुरू

Mon, 26 Feb 2024 12:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : istock
हृदय रोग, दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के आंकड़ों के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका में हृदय रोगों से हर 33 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। 2021 में अमेरिका में लगभग सात लाख लोगों के लिए मौत का ये प्रमुख कारण रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को निरंतर हृदय की सेहत का ध्यान रखना चाहिए, कोरोना के बाद से कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी हृदय स्वास्थ्य पर और भी नकारात्मक असर डाल रही है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, अगर दिनचर्या और आहार में कुछ प्रकार के बदलाव कर लिए जाएं तो न सिर्फ हृदय स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है, साथ ही ये हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत के जोखिमों से भी आपको बचाने में सहायक हो सकती है। हालिया अध्ययन में ऑलिव ऑयल के उपयोग को लेकर विशेषज्ञों ने बड़ी उम्मीद जताई है।
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ऑलिव ऑयल से होने वाले फायदे - फोटो : Pixabay
ऑलिव ऑयल से हो सकते हैं कई प्रकार के लाभ

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने अध्ययन के आधार पर बताया, ऑलिव ऑयल को आहार में शामिल करना न सिर्फ हृदय रोगों के खतरे से बचाने में मददगार हो सकती है, साथ ही इसको आहार में शामिल करके डिमेंशिया और मस्तिष्क से संबंधित विकारों से भी बचाव किया जा सकता है। शोध बताते हैं, अगर नियमित रूप से आहार में ऑलिव ऑयल को शामिल कर लिया जाए तो इससे हृदय रोग और इसके कारण होने वाली मौत के जोखिमों को कम किया जा सकता है।

इसके उपयोग से मस्तिष्क स्वास्थ्य में भी सुधार पाया जा सकता है। यानी कि अगर इसे भोजन का हिस्सा बना लिया जाए तो कई प्रकार के फायदे पाए जा सकते हैं।
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धमनियों में ब्लॉकेज की स्थिति - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

लगभग 92,000 अमेरिकी पुरुषों-महिलाओं पर किए गए एक हालिया अध्ययन में ऑलिव ऑयल और इससे होने वाले फायदों की जांच की गई। 28 वर्षों के फॉलो-अप के दौरान, शोध से पता चला कि जिन प्रतिभागियों ने ऑलिव ऑयल (प्रतिदिन 1/2 चम्मच या 7 ग्राम) का सेवन किया, उनमें हृदय रोगों से मौत के खतरा 20 फीसदी तक कम हो सकता है। एकस्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को अध्ययनों में सेहत के लिए विशेष प्रकार से लाभप्रद पाया गया है।

शोधकर्ताओं ने बताया, हृदय रोगों से मृत्यु के खतरे को कम करने के साथ ये कैंसर से मृत्यु का जोखिमों को भी 17 फीसदी, न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग (पार्किंसंस या अल्जाइमर) से मौत के खतरे को 29% तक कम करने में मददगार हो सकती है। 

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जैतून का तेल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कम मात्रा में भी इसका सेवन लाभकारी

अध्ययनकर्ताओं की टीम ने बताया, अगर आप कम मात्रा में भी ऑलिव ऑयल का सेवन करते हैं तो भी इसके लाभ पा सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार करने के साथ ये आपको दीर्घायु बनाने में भी सहायक है।

स्पेन में किए गए एक अन्य अध्ययन में पाया गया, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा शरीर में होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के खतरे को कम कर देती है जिससे कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। शोध से यह भी पता चला है कि इस तेल में मौजूद मुख्य फैटी एसिड (ओलिक एसिड) सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) जैसे इंफ्लामेटरी मार्करों के स्तर को कम कर सकता है।
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कम मात्रा में भी ऑलिव ऑयल है फायदेमंद - फोटो : Pixabay
इस तेल से वजन बढ़ने का भी खतरा नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया आहार में ये छोटा सा बदलाव करना आपको कई प्रकार के फायदे दे सकता है। इसमें अन्य तेलों की तुलना में वसा की मात्रा भी कम होती है जिससे वजन बढ़ने की भी चिंता नहीं रहती है। अधिक वजन और मोटापे को कई क्रोनिक और गंभीर रोगों का कारक माना जाता है।

लाइफस्टाइल में नियमित व्यायाम और आहार में लो फैट वाली चीजों के साथ अगर ऑलिव ऑयल कोः शामिल कर लिया जाए तो इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से खुद को सुरक्षित रखने में लाभ मिल सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Consumption of Olive Oil and Risk of Total and Cause-Specific Mortality Among U.S. Adults

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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