देश इस समय स्वास्थ्य संबंधी सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। कोरोना वायरस के बदलते स्ट्रेनों को कारण लोगों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दूसरी लहर में सबसे ज्यादा शिकार युवा हो रहे हैं। पिछले साल कोरोना की पहली लहर में विशेषज्ञ मान रहे थे कि जिन लोगों को एक बार संक्रमण हो गया है वह इस वायरस से आगे के लिए सुरक्षित माने जा सकते हैं। इसी आधार पर कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना था कि देश में जल्द ही हर्ड इम्यूनिटी भी विकसित हो सकती है। लेकिन हाल ही में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने ऐसे सभी विचारों को सिरे से खारिज कर दिया है।
आइए जानते हैं इस अध्ययन में शोधकर्ताओं नें किस बारे में लोगों को सचेत किया है?