मौजूदा समय में हमारी सुविधाओं और सेहत के बीच जो असामंजस्य दिख रहा है उसने धीरे-धीरे बड़ी मुसीबतों का जन्म दे दिया है। आहार और लाइफस्टाल में गड़बड़ी, शारीरिक गतिविधियों और नींद में कमी के साथ बढ़ते स्क्रीनटाइम ने हमारे शरीर को एक ऐसे खतरे की ओर धकेल दिया हैं, जहां सिर्फ जोखिम ही जोखिम है। लोगों में बढ़ता मोटापा इसका सबसे आम उदाहरण है।
मोटापा सिर्फ शरीर की बनावट को खराब करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण भी माना जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि शरीर पर बढ़ती चर्बी हमें क्रॉनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और कैंसर तक का शिकार बनाती जा रही है।
मोटापे की स्थिति शरीर में हार्मोनल असंतुलन, सूजन और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों को बढ़ाती है जिससे कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने चेताया है कि मोटापा एक-दो नहीं बल्कि करीब 13 प्रकार के कैंसर को बढ़ाने वाला हो सकता है। मतलब मोटापा को बीमारियों का फ्री टिकट कहना गलत नहीं होगा।