डिजाइन पिक्चर
दरअसल, सिंथेटिक दूध बनाने के लिए उसमें यूरिया मिलाया जाता है और उसे हल्की आंच पर उबाला जाता है। इसके बाद इसमें डिटर्जेंट, सोडा स्टार्च, फॉरेमैलिन और वाशिंग पाउडर मिलाया जाता है। ऊपर से थोड़ा असली दूध मिला दिया जाता है और उसके बाद बेच दिया जाता है। लेकिन अगर आपके घर का दूध कुछ देर बाद पीला पड़ जाता है तो समझिए यह असली नहीं बल्कि नकली है। असली दूध कभी भी रखे रहने पर रंग नहीं बदलता है। जबकि नकली दूध गहरा पीला होने लगता है।