फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PCOS Tips: पीसीओएस से जूझ रही हैं? ये चार डाइट टिप्स हार्मोनल संतुलन में करेंगे मदद

Mon, 16 Jun 2025 11:08 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं को अक्सर अनियमित पीरियड्स और शरीर पर अनचाहे बालों की वृद्धि जैसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए इस लेख में  चार प्रभावी डाइट टिप्स जानते हैं, जो पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
पीसीओएस - फोटो : Freepik.com
PCOS Diet Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) प्रजनन आयु की महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक आम हार्मोनल समस्या बन गई है। यह सिर्फ एक स्वास्थ्य स्थिति नहीं, बल्कि कई महिलाओं के लिए चिंता और तनाव का कारण भी बनती है। पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं को अक्सर अनियमित पीरियड्स, अचानक वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे और शरीर पर अनचाहे बालों की वृद्धि जैसे परेशान करने वाले लक्षणों का सामना करना पड़ता है।

यह विकार मुख्य रूप से इंसुलिन प्रतिरोध और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा है, जो शरीर के कई कार्यों को प्रभावित करता है। हालांकि, पीसीओएस का नाम सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसका प्रबंधन और लक्षणों को नियंत्रित करना बिल्कुल संभव है। सही जीवनशैली में बदलाव, एक संतुलित डाइट प्लान और नियमित व्यायाम को अपनाकर इस स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार न केवल लक्षणों को कम करता है, बल्कि हार्मोनल संतुलन को भी बेहतर बनाता है। आइए इस लेख में चार प्रभावी डाइट टिप्स के बारे में जानते हैं, जो पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।
विज्ञापन

2 of 5
ओट्स बनाना स्मूदी - फोटो : freepik.com
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) वाले खाद्य पदार्थ चुनें
पीसीओएस में इंसुलिन प्रतिरोध ब्लड शुगर को बढ़ाता है, जो हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है। कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ, जैसे ब्राउन राइस, क्विनोआ, ओट्स और हरी सब्जियां, जो ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि को रोकते हैं। ये वजन नियंत्रण और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करते हैं। 

ये भी पढ़ें- World Food Safety Day 2025: मोटापा से बचने के लिए कैसा होना चाहिए खान-पान? सभी के लिए जानना जरूरी
विज्ञापन

3 of 5
दाल - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन और हेल्दी फैट को प्राथमिकता दें
प्रोटीन और हेल्दी फैट हार्मोन उत्पादन और भूख नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंडे, मछली, टोफू, दाल और बादाम तो डाइट में शामिल करें। इनमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को पोषण प्रदान करते हैं। एवोकाडो, नट्स और जैतून का तेल जैसे स्वस्थ फैट सूजन को कम करते हैं।

ये भी पढ़ें- Covid-19: कोरोना के बढ़ते मामले चिंताजनक, भारतीय वैज्ञानिकों ने संक्रमण का पता लगाने के लिए ढूंढ लिया सस्ता-कारगर तरीका
 

4 of 5
फल - फोटो : Adobe
फाइबर युक्त आहार अपनाएं
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे फल (सेब, बेरीज), सब्जियां (पालक, ब्रोकली) और साबुत अनाज, पाचन को बेहतर बनाते हैं और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करते हैं। यह शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

ये भी पढ़ें- Nervous System: तंत्रिका तंत्र की समस्याओं के क्या कारण हैं? नर्वस सिस्टम को कैसे स्वस्थ रखें, डॉक्टर से जानिए
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
खान-पान - फोटो : Freepik.com
चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें
चीनी युक्त खाद्य पदार्थ और प्रोसेस्ड फूड्स, जैसे केक, सोडा और फास्ट फूड, इंसुलिन और सूजन को बढ़ाते हैं, जो पीसीओएस के लक्षणों को और बिगाड़ते हैं। इनसे हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ने का खतरा रहता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें