फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: क्या आपके पेट में भी बनती है ज्यादा गैस? जानें इसके चार आम कारण और तुरंत राहत के उपाय

Sat, 14 Jun 2025 09:32 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेट में गैस बनना एक आम समस्या है, जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी दो चार होते हैं। पेट में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें चार प्रमुख कारणों के बारे में आइए इस लेख में जानते हैं। साथ ही इससे तुरंत राहत पाने के उपाय भी जानेंगे।
विज्ञापन
1 of 6
पेट में गैस - फोटो : adobe stock images
Gas Problem In stomach: पेट में गैस बनना एक ऐसी आम समस्या है जिससे शायद ही कोई अछूता हो। यह सिर्फ पेट फूलने या हल्की असहजता तक सीमित नहीं रहती, बल्कि अक्सर तेज दर्द, ऐंठन और सामाजिक असहजता का कारण भी बन जाती है। चाहे मीटिंग हो या कोई पार्टी, गैस की समस्या हमारी एकाग्रता और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित करती है।

यह परेशानी अक्सर हमारे खानपान की गलत आदतों, अनियमित जीवनशैली या फिर कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं का नतीजा होती है। जब पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तो भोजन के कण पेट में फर्मेंट होने लगते हैं, जिससे गैस का उत्पादन बढ़ जाता है। इस समस्या को समझना और सही उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि आप पेट की असहजता से बचकर एक आरामदायक और स्वस्थ जीवन जी सकें। आइए जानें पेट में गैस बनने के चार आम कारण और राहत के प्रभावी उपाय।
विज्ञापन

2 of 6
अनुचित खानपान - फोटो : Freepik.com
अनुचित खानपान
कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे फलियां, गोभी, ब्रोकली, डेयरी उत्पाद और उच्च फाइबर वाली चीजें, पेट में गैस बना सकती हैं। इनमें मौजूद लैक्टोज या जटिल कार्बोहाइड्रेट्स आंतों में गैस पैदा करते हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स भी गैस बढ़ाते हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए इन खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाएं। भोजन को अच्छी तरह चबाएं और हल्का भोजन, जैसे मूंग दाल या खिचड़ी खाएं।

ये भी पढ़ें- Nervous System: तंत्रिका तंत्र की समस्याओं के क्या कारण हैं? नर्वस सिस्टम को कैसे स्वस्थ रखें, डॉक्टर से जानिए
विज्ञापन

3 of 6
जल्दबाजी में खाना - फोटो : Freepik.com
जल्दबाजी में खाना
बहुत से लोग बहुत तेज और कम समय में भोजन करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो खाते समय बात करते हैं। ऐसे में वे भोजन को अच्छे से चबाकर नहीं खा पाते हैं। जिससे पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं और पेट में गैस बनने लगता है। इससे बचने का उपाय बहुत सरल है कि खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएं और खाते समय बातचीत कम करें।

ये भी पढ़ें- Covid-19: कोरोना के बढ़ते मामले चिंताजनक, भारतीय वैज्ञानिकों ने संक्रमण का पता लगाने के लिए ढूंढ लिया सस्ता-कारगर तरीका
 

4 of 6
पाचन संबंधी विकार - फोटो : Freepik.com
पाचन संबंधी विकार
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, लैक्टोज इंटॉलरेंस या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन गैस के प्रमुख कारण हो सकते हैं। ये आंतों में गैस उत्पादन को बढ़ाते हैं और सूजन पैदा करते हैं। बार-बार गैस की शिकायत होने पर ऐसी स्थिति में चिकित्सक से जांच कराएं। लैक्टोज इंटॉलरेंस के लिए डेयरी उत्पादों से परहेज करें और प्रोबायोटिक्स, जैसे सादा दही, अपने आहार में शामिल करें।
विज्ञापन

5 of 6
मानसिक तनाव - फोटो : Freepik.com
तनाव और सैडेंटरी लाइफस्टाइल
तनाव पाचन तंत्र को धीमा करता है, जिससे गैस और सूजन की समस्या बढ़ती है। घंटों एक स्थान पर एक पोजिसन में बैठे रहना भी पाचन को प्रभावित करती है। ऐसे में अपनी दिनचर्या में रोज 20-30 मिनट टहलने और योग करने की आदत को शामिल करें। तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लें और मेडिटेशन करें।

ये भी पढ़ें- World Food Safety Day 2025: मोटापा से बचने के लिए कैसा होना चाहिए खान-पान? सभी के लिए जानना जरूरी
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
नींबू पानी - फोटो : Adobe Stock
पेट गैस होने पर क्या करें?
पेट में गैस होने पर आप एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पी सकते हैं। इससे गैस की समस्या से आपको राहत मिल सकती है। नींबू पानी पाचन को उत्तेजित कर एसिडिटी कम करता है। अदरक चबाना या इसकी चाय पीना भी फायदेमंद है, क्योंकि यह सूजन और गैस कम करता है। अजवाइन का पानी भी आपको गैस से तुरंत आराम देता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें