ब्रेन स्ट्रोक की समस्या पिछले एक-दो दशकों में काफी तेजी से बढ़ी है, अकेले अमेरिका में ही ब्रेन स्ट्रोक के कारण हर साल 1.40 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। इसके जोखिम, कारण और होने वाली समस्याओं के बारे में आप भी जरूर वाकिफ होंगे, पर क्या आप स्पाइनल स्ट्रोक के बारे में जानते हैं? ब्रेन स्ट्रोक की तरह ही इस समस्या का खतरा भी काफी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। यह ब्रेन स्ट्रोक की तरह जानलेवा तो नहीं है पर आपके जीवन के लिए कई प्रकार की कठिनाइयों को बढ़ाने वाली जरूर हो सकती है।
ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क में रक्त प्रवाह के बाधित हो जाने के कारण होने वाली दिक्कत है, स्पाइनल स्ट्रोक में भी समस्या ऐसे ही शुरू होती है। रीढ़ की हड्डी को ठीक से काम करने के लिए निरंतर रक्त आपूर्ति की आवश्यकता होती है। यह आपके शरीर के बाकी हिस्सों में नर्व इंपल्स (तंत्रिका आवेग) भेजने में मदद करती है। यही संकेत बुनियादी शारीरिक गतिविधियों में मदद करते हैं जैसे कि आपके हाथ और पैर हिलाना, और यह सुनिश्चित करना कि आपके सभी अंग ठीक से काम कर रहे हैं। स्पाइनल स्ट्रोक के कारण यह प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।