गर्भपात को लेकर नियम
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फैसले का अब भी विरोध
दूसरी ओर, कोरिया के कैथोलिक बिशप्स सम्मेलन ने सरकार की योजना पर गंभीर चिंता जताई। संगठन का कहना है कि इससे समाज में मानव जीवन के प्रति अनदेखी की प्रवृत्ति और मजबूत हो सकती है।
- दक्षिण कोरिया के प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों के संगठन ने भी कहा कि केवल गर्भपात की दवाओं को मंजूरी देना पर्याप्त नहीं होगा। संगठन ने ऐसे कई मुद्दों पर स्पष्ट कानून बनाने की मांग की है, जो आगे चलकर सामने आ सकते हैं।
- वहीं डॉक्टरों के संगठन ने खास तौर पर उन स्थितियों के लिए व्यवस्था बनाने की बात कही है, जब दवा लेने के बाद गर्भाशय में गर्भावस्था के कुछ हिस्से रह जाते हैं और गर्भपात पूरा न हो पाए। इसे अपूर्ण गर्भपात कहा जाता है। इसके अलावा ज्यादा खून बहने जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए भी अस्पतालों और डॉक्टरों के लिए स्पष्ट व्यवस्था जरूरी बताई गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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