शरीर को स्वस्थ रखना मौजूदा समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। जिस तरह से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में गंभीर और क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसने दिक्कतों को और भी बढ़ा दिया है। जब बात संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने की आती है तो अक्सर हम सभी शारीरिक सेहत पर ज्यादा ध्यान देते हैं, हालांकि आंकड़े बताते हैं कि मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं।
स्ट्रेस-एंग्जाइटी हो या डिप्रेशन, ये सभी बीमारियां न सिर्फ आपके क्वालिटी ऑफ लाइफ को प्रभावित करती हैं, बल्कि शरीर की समस्याओं को भी बढ़ावा दे सकती हैं। यही कारण है कि हमें शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।
क्या आपको या आपके बच्चों को लोगों से मिलने-जुलने, बात करने में डर लगता है? इसके कारण आपके दैनिक जीवन के कई काम प्रभावित हो रहे हैं तो सावधान हो जाइए, ये सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर (SAD) का संकेत हो सकता है।