डॉ राजेंद्र प्रसाद
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कई बार खर्राटों की आवाज हल्की होती है और कई बार तेज। अगर खर्राटों का इलाज सही समय पर न हो तो स्लीप एप्निया हो सकता है। यह एक सामान्य विकार है, जिसमें नींद के दौरान सांस में एक या कई अवरोध होते हैं या सांसें उथली हो जाती हैं। यह लंबे समय तक चलता है, जिससे नींद में खलल पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि नींद सही प्रकार से न हो तो खर्राटे आ सकते हैं।