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दिल की सेहत: हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रही हैं आपकी रोज की ये गलतियां, आज से ही करें सुधार

Tue, 22 Sep 2026 08:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, अधिक वजन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और स्वस्थ वजनजरूरी है। समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह भी जोखिम कम करने में मदद करती है।
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दिल की बीमारियों का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
दिल की बीमारियों का जोखिम अब बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में आपने भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें खूब देखी-सुनी होंगी।

हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा पड़ने को पहले सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, पर अब 30 से कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी, धूम्रपान, अधिक वजन और लंबे समय तक रहने वाले हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं दिल की सेहत पर लगातार असर डालती हैं। जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में प्लाक जमा होकर रक्त प्रवाह को रोकता है, तब हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। 

चूंकि अब इसका खतरा हर उम्र के व्यक्ति में देखा जा रहा है, ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर कौन सी गलतियां इसके खतरे को बढ़ा रही हैं और कैसे आप हार्ट अटैक से बचाव कर सकते हैं।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock
दिल की बीमारियां और हार्ट अटैक का खतरा

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और परिवार में कम उम्र में हृदय रोग की हिस्ट्री हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में से हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई जोखिमों को रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है। 
 
  • नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन को कंट्रोल करना, धूम्रपान से दूरी और ब्लड प्रेशर-शुगर-कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
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हार्ट हेल्थ के लिए खान-पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें?

शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी
  • नियमित व्यायाम ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इससे हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। तेज गति से चलना, साइकिल चलाना या तैरकी जैसे व्यायाम दिल की सेहत को ठीक रखने में मदद करत हैं। वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। अगर लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है तो धीरे-धीरे इसकी शुरुआत करें।

खाने में इन चीजों को कम करें
 
  • दिल को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान को ठीक रखना जरूरी है। ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, जबकि संतृप्त वसा और ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकते हैं।खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और फाइबर वाले खाद्य पदार्थ बढ़ाएं। पैकेट वाले और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, ज्यादा नमक, मीठे पेय और ज्यादा वसा वाली चीजें कम से कम खाएं।
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ब्लड प्रेशर को रखें कंट्रोल - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक के जोखिमों को कैसे कम करें?

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल, ये तीनों हार्ट अटैक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। कई बार इन समस्याओं के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए समय-समय पर जांच जरूरी है। अगर डॉक्टर ने दवा दी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें। ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को निर्धारित सीमा में रखने से हृदय और रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद मिलती है।

सिगरेट का धुआं रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है। धूम्रपान छोड़ना दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह अधिक वजन या मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ा सकता है, जो आगे चलकर हृदय रोग का कारण बनता है। इसलिए वजन को कंट्रोल में रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार सभी उम्र के लोगों के लिए जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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