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जानना जरूरी: कहीं आपकी किडनी भी तो नहीं है खतरे में, शरीर के इन संकेतों को पहचानना जरूरी

Mon, 05 Oct 2026 08:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किडनी की बीमारी शुरुआती दौर में अक्सर बिना लक्षणों के रह सकती है। पेशाब में झाग या बदलाव, शरीर में सूजन, थकान, भूख कम लगना और खुजली जैसे संकेत दिख रहे हैं तो सावधान हो जाएं ये किडनी की समस्याओं की ओर संकेत हो सकते हैं।
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Kidney Damage Signs - फोटो : Amarujala.com/AI
किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ये लगातार काम करके खून से गंदगी और शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करती है। शरीर में पानी, नमक और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में भी किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ते देखे जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि शुरुआती दौर में कई बार इनके लक्षण साफ तौर पर नजर नहीं आते। यही वजह है कि लोग अक्सर बीमारी के बढ़ने के बाद ही इसकी गंभीरता को समझ पाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर कई बार किडनी की सेहत बिगड़ने के संकेत पहले ही देने लगता है। अगर समय रहते लक्षणों पर ध्यान देकर इसका इलाज करा लिया जाए तो गंभीर समस्याओं से बचाव हो सकता है।

जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी रोगों की फैमिली हिस्ट्री रही है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि किडनी पर असर पड़ना शुरू होने से पहले शरीर क्या संकेत देता है?
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थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : Freepik.com
किडनी की सेहत को लेकर रहें सावधान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, धीरे-धीरे जब किडनी की काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है, तब शरीर में कुछ छोटे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।

बार-बार थकान महसूस होना, पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव, भूख कम लगना या त्वचा में खुजली जैसे लक्षण कुछ मामलों में चेतावनी का संकेत हो सकते हैं। अच्छी बात ये है कि समय पर जांच और सही इलाज से किडनी की गंभीर समस्याओं को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।

ऐसे में शरीर के किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं, आइए जानते हैं।
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किडनी की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
बिना लक्षणों के भी हो सकती है बीमारी

किडनी की बीमारी की सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए केवल शरीर के संकेतों के आधार पर नहीं जाना जा सकता कि किडनी ठीक है या नहीं?
 
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या परिवार में किडनी फेलियर की हिस्ट्री रही हो तो नियमित रूप से जांच ज्यादा जरूरी हो जाता है। 
  • खून की जांच से किडनी की फिल्टर करने की क्षमता और पेशाब की जांच से प्रोटीन जैसे संकेतों का पता लगाया जा सकता है।

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पेशाब के रंग में बदलाव की समस्या - फोटो : Freepik.com
पेशाब में बदलावों को न करें नजरअंदाज 

किडनी की समस्या बढ़ने पर पेशाब की मात्रा या बार-बार पेशाब जाने के तरीके में बदलाव हो सकता है। पेशाब में लगातार ज्यादा झाग दिखता है तो अलर्ट हो जाना चाहिए, क्योंकि कई बार यह पेशाब में प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है। 
 
  • किडनी की कुछ बीमारियों में  पेशाब का रंग गुलाबी या कोला जैसा भी दिख सकता है, जो पेशाब में खून आने का संकेत हो सकता है। 
  • हालांकि पेशाब में बदलाव के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसकी जांच जरूरी है।
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किडनी की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
किडनी की समस्याओं क इन संकेतों को भी जानिए

जब किडनी शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में तरल जमा होने लगता है। इसका असर पैरों-टखनों और कभी-कभी हाथों या चेहरे पर सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है। सूजन लगातार हो रही हो या उसके साथ पेशाब में बदलाव भी दिखाई दे रहा है तो इन लक्षणों को लेकर अलर्ट हो जाना चाहिए।
 
  • किडनी की बीमारी बढ़ने पर आपको लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगने और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • अगर ऐसे बदलाव लगातार बने रहें और साथ में पेशाब या सूजन की समस्या भी हो, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
  • डायबिटीज-हाई बीपी वाले मरीजों के लिए किडनी की जांच कराते रहना और भी जरूरी हो जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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