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Kerala News: केरल में संक्रामक बीमारियों का डबल अटैक, शिगेला के बाद अब वेस्ट नाइल वायरस ने बढ़ाई चिंता

Tue, 09 Jun 2026 01:15 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kerala Health News: शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलती है। वहीं वेस्ट नाइल वायरस मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। केरल में इन दिनों दोनों का खतरा देखा जा रहा है। 
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संक्रामक बीमारियों का अटैक - फोटो : Amarujala.com/AI
केरल एक बार फिर संक्रामक बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर सुर्खियों में है। राज्य में इन दिनों संक्रामक बीमारियों का डबल अटैक देखा जा रहा है। सोमवार (8 जून) को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने जानकारी दी थी कि यहां शिगेला संक्रमण विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इससे चार वर्षीय बच्चे की मौत भी हो गई है। इसके बाद अब राज्य के कई हिस्सों में वेस्ट नाइल वायरस का संक्रमण बढ़ने की भी खबर है। एक ही समय पर दो अलग-अलग संक्रमणों का फैलना स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बढ़ाता जा रहा है। 

मानसून और नमी के मौसम में कई प्रकार के वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। केरल में इन दिनों फैल रहा शिगेला और वेस्ट नाइल संक्रमण, दोनों की प्रकृति अलग है और दोनों संक्रमण अलग-अलग तरीकों से फैलते हैं। हालांकि एक साथ इनके मामलों का सामने आना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार सभी लोगों को सावधानी बरतने, साफ पानी पीने और मच्छरों से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं। आइए इन दोनों बीमारियों के बारे में जान लेते हैं।
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संक्रामक बीमारियों का जोखिम - फोटो : Adobe stock
शिगेला और वेस्ट नाइल फीवर का अपडेट

शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलती है। यह पेट और आंतों पर असर डालती है और गंभीर स्थिति में शरीर को काफी कमजोर कर सकती है। वहीं वेस्ट नाइल वायरस एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है और दिमागी बुखार तक का कारण बन सकता है।
 
  • शिगेला संक्रमण को लेकर हालिया अपडेट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अब तक 339 लोगों में इस इन्फेक्शन से जुड़े लक्षण पाए गए हैं। इनमें से 59 लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में हो रहा है। अधिकारियों ने बताया है कि अभी किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। लैब में जांच के लिए कुल 21 सैंपल भेजे गए थे। अब तक दो सैंपल पॉजिटिव आए हैं, जबकि बाकी सैंपल के नतीजों का इंतजार है।
 
  • वहीं एर्नाकुलम जिले में एक 70 वर्षीय व्यक्ति की वेस्ट नाइल फीवर से मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी किया है। यह जिले में एक हफ्ते के भीतर मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी से हुई दूसरी मौत है। केरल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और संक्रमण का खतरा कम करने के लिए मच्छर नियंत्रण के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है।
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केरल में शिगेला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
पहले शिगेला संक्रमण के बारे में जानिए

शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो शिगेला नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह मुख्य रूप से फेकल-ओरल यानी संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद सूक्ष्मजीवों के किसी तरह से संपर्क में आने से फैलता है।  दूषित पानी, भोजन या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से इसका खतरा रहता है।
 
  • बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में बीमारी के होने और गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक होता है।
  • रोगियों को गंभीर दस्त (कभी-कभी खून के साथ), पेट दर्द, बुखार, उल्टी और शरीर में कमजोरी की समस्या होती है। 
  • कई मामलों में यह डिहाइड्रेशन का कारण भी बन सकता है, जो स्थिति को और गंभीर बना देता है। मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

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वेस्ट नाइल वायरस के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
वेस्ट नाइल वायरस और इसका खतरा

शिगेला संक्रमण जहां दूषित भोजन या पानी से फैलता है वहीं,  वेस्ट नाइल वायरस एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है। यह वायरस मुख्यरूप से पक्षियों में पाया जाता है और मच्छरों के माध्यम से इंसानों तक पहुंचता है।
 
  • अधिकांश मामलों में यह हल्का या बिना लक्षणों वाला होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का कारण बन सकता है।
  • मरीजों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द के साथ थकान और त्वचा पर रैशज हो सकते हैं।
  • गंभीर मामलों में यह दिमाग तक पहुंचकर एन्सेफलाइटिस या मेनिन्जाइटिस का कारण बन सकता है।
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बीमारियों से बचाव कैसे करें? - फोटो : Adobe stock
इन बीमारियों से बचाव के लिए क्या करें?

संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट कर रहे हैं। 
 
  • शिगेला चूंकि बैक्टीरियल बीमारी है और दूषित चीजों से फैलती है इसलिए बचाव के लिए हाथों की साफ-सफाई, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना और खुले में बिकने वाले भोजन से बचना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी गंदगी, दूषित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से भी ये संक्रमण फैल सकता है, इसलिए बचाव को लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। 
 
  • वहीं वेस्ट नाइल वायरस चूंकि मच्छरों के कारण होने वाली बीमारी है इसलिए मच्छरों की रोकथाम ही इसका सबसे प्रभावी बचाव माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग किया जाए और मच्छर भगाने वाले उपाय अपनाए जाएं। खासकर मानसून के मौसम में यह संक्रमण अधिक सक्रिय हो जाता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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