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Shefali Jariwala Death: एंटी-एजिंग दवाओं ने ले ली शेफाली की जान? क्या हैं इनके दुष्प्रभाव, डॉक्टर से जानिए

Sun, 29 Jun 2025 07:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • शेफाली जरीवाला का शुक्रवार को 42 साल की उम्र में निधन हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में कार्डियक अरेस्ट को प्रमुख कारण बताया गया।
  • अब सवाल उठता है कि एंटी-एजिंग दवाएं क्या इतनी खतरनाक हैं? क्या ये जानलेवा हो सकती हैं?
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शेफाली जरीवाला की मौत - फोटो : इंस्टाग्राम- @shefalijariwala
Shefali Jariwala: अभिनेत्री और मॉडल शेफाली जरीवाला का शुक्रवार को 42 साल की उम्र में निधन हो गया। मुंबई स्थित कूपर हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने शव का परीक्षण किया, हालांकि इसकी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। मौत के बाद की शुरुआती रिपोर्ट्स में कार्डियक अरेस्ट को प्रमुख कारण बताया गया, हालांकि अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।

इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेफाली जरीवाला की अचानक हुई मौत की जांच में कुछ अहम बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि शेफाली कई वर्षों से एंटी-एजिंग दवाइयां ले रही थीं। 27 जून को परिवार ने घर में धार्मिक पूजा रखी थी, जिसके चलते शेफाली ने पूरे दिन व्रत रखा था। इसके बावजूद दोपहर में उन्होंने कथित तौर पर एंटी-एजिंग दवा का इंजेक्शन ले लिया, संभवत: इसके गंभीर असर हुआ।

करीब 8 साल से वह इस तरह के इंजेक्शन और दवाएं ले रही थीं। पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि उपवास के दौरान लिए गए इंजेक्शन की वजह से ही कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण के बारे में अधिक स्पष्टता मिलेगी।

अब सवाल उठता है कि एंटी-एजिंग दवाएं क्या इतनी खतरनाक हैं? क्या ये जानलेवा हो सकती हैं?
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एंटी-एजिंग दवाओं के साइड इफेक्ट्स - फोटो : Freepik.com
एंटी-एजिंग दवाएं और इसका प्रभाव

इन सवालों का जवाब जानने से पहले ये जान लीजिए कि आखिर एंटी-एजिंग दवाएं हैं क्या? और ये किस तरह से काम करती हैं?

एंटी-एजिंग उपचार का मुख्य लक्ष्य उम्र बढ़ने के साथ चेहरे-त्वचा पर दिखाई देने वाले लक्षणों जैसे झुर्रियों, ढीली त्वचा और उम्र के धब्बों को कम करना या इसे डिले करना होता है। जवां बने रहने की चाहत वालों में ये उपाय काफी ट्रेंडिंग रहा है। ये हमारे शरीर में कोलेजन उत्पादन को बढ़ाने, चेहरे की मांसपेशियों को टाइट रखने या फिलर्स के साथ त्वचा का जवां बनाए रखने में मदद करते हैं।

उपचार के ये तरीके शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल चक्र को प्रभावित करने वाले हो सकते हैं, जिसका शरीर पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है।
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एंटी-एजिंग उत्पादों के दुष्प्रभाव - फोटो : Adobe stock
किस तरह से काम करती हैं ये दवाएं?

मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं, एंटी-एजिंग उत्पादों में आमतौर पर रेटिनॉल और पेप्टाइड्स जैसे एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो झुर्रियों को कम करने और त्वचा की बनावट में सुधार जैसे लाभों के लिए जाने जाते हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स बताते हैं कि रेटिनॉल से साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, जिसमें सूखापन, लालिमा और सूरज के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि हो सकती है।

इसके अलावा कुछ अन्य कंपाउंड्स शरीर में हार्मोनल चक्र को भी बाधित कर सकते हैं जिसका स्वास्थ्य पर कई प्रकार से गंभीर और दीर्घकालिक असर हो सकता है।
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शेफाली जरीवाला की कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत? - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से कहते रहे हैं कि एंटी-एजिंग उत्पाद हमेशा प्राकृतिक स्रोतों से ही लेने चाहिए। दवाओं और इंजेक्शन के रूप में इसके कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। 

अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अरविंद सिंह कहते हैं, वैसे तो एंटी-एजिंग उत्पादों के हार्ट पर दुष्प्रभाव होने के मामले दुलर्भ हैं, आमतौर पर ऐसा नहीं देखा गया है। हालांकि अगर आप हार्मोनल थेरेपी ले रहे हैं तो इसके दुष्प्रभावों में हृदय की सेहत पर असर जरूर हो सकता हैं।

कुछ स्थितियों में एंटी-एजिंग दवाएं शरीर के प्राकृतिक सिस्टम को प्रभावित कर सकती हैं, इसमें आपकी त्वचा तो जवां रहती है पर अंगों की तो उम्र बढ़ती ही रहती है। ऐसे में अगर आप शरीर की अन्य समस्याओं को अनदेखा करते हैं तो इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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