हृदय रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है। हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के कारण हृदय रोग और इससे संबंधित जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसे नियंत्रित रखना हृदय रोगों के खतरे से बचाव के लिए जरूरी माना जाता है। क्या कोई ऐसा तरीका है जिसकी मदद से ये जाना जा सके कि भविष्य में आपको हृदय रोगों या हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है?
इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ प्रकार के टेस्ट 5-7 साल पहले ही अंदाजा लगाने में मददगार हो सकते हैं कि भविष्य में आपको हार्ट अटैक का जोखिम तो नहीं है? इसी तरह से खून की जांच की मदद से करीब सात साल पहले ये जानने में मदद मिल सकती है कि आपको पार्किंसंस रोग का खतरा तो नहीं है?
आइए इस बारे में जानते हैं।