दांतों को कैसे स्वस्थ रखें?
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रूट कैनाल कैसे किया जाता है?
डॉक्टर बताती हैं, रूट कैनाल करने से पहले दांत की जांच और एक्स-रे किया जाता है ताकि सही स्थिति का अंदाजा हो सके। इसके बाद लोकल एनेस्थीसिया देकर प्रभावित हिस्से को सुन्न किया जाता है।फिर दांत में छोटा सा रास्ता बनाकर संक्रमित पल्प को निकाला जाता है। दांत की जड़ों के अंदर की नलियों को साफ करके उन्हें फिलिंग के साथ सील कर दिया जाता है।
कई मामलों में लोगों को एक से ज्यादा बार रूट कैनाल की जरूरत हो सकती है।
- दांत ज्यादा कमजोर हो गए हों तो उस पर कैप लगाने की भी जरूरत पड़ सकती है, ताकि प्राकृतिक दांत को सुरक्षित रखा जा सके।
क्या रूट कैनाल में बहुत दर्द होता है?
डॉ अनूपमा कहती हैं, अक्सर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि रूट कैनाल बहुत दर्दनाक होता है। आजकल लोकल एनेस्थीसिया की मदद से इलाज के दौरान दर्द को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया जाता है। इलाज के बाद कुछ दिनों तक हल्का दर्द या संवेदनशीलता हो सकती है, जो अपने आप कम होती जाती है। रूट कैनाल दांतो को बचाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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