कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सबसे पहली और बड़ी चुनौती इसकी जांच करना है। अच्छी बात यह है कि भारत में पहले की अपेक्षा जांच की रफ्तार तेज हुई है। कोरोना की जांच में स्वास्थ्यकर्मी या लैबकर्मी मुख्यत: नाक से स्वाब(नमूना) लेते हैं। इस संबंध में अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में बताया गया है कि स्वास्थ्यकर्मियों की बजाय खुद से ही लिया गय नमूना अधिक सटीक और सुरक्षित होता है। 'जर्नल ऑफ दि अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन' में प्रकाशित शोध के मुताबिक, ऐसा करने से संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।