सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि निष्क्रिय जीवनशैली को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीर रोग कारकों में से एक मानते हैं। लंबे समय तक बैठे रहने या अधिकतर समय लेटे रहने की आदत के अलावा दिनचर्या में व्यायाम की कमी के कारण जीवनशैली की निष्क्रियता और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययनकर्ता इसे गंभीर हृदय रोग और कुछ स्थितियों में हार्ट अटैक-स्ट्रोक, डायबिटीज की जटिलताओं, मोटापा और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्रमुख कारक के तौर पर मानते हैं। सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है, इसे देखते हुए सभी लोगों को शारीरिक सक्रियता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। दिनचर्या में योग-व्यायाम को जरूर शामिल करें। सेडेंटरी लाइफस्टाइल का जोखिम बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के लिए नुकसानदायक है, इसके खतरे को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
आइए जानते हैं कि निष्क्रिय जीवनशैली किस प्रकार से शरीर के अंगों के लिए समस्याकारक है और इससे बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए?