कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनियाभर के लिए मुसीबतों का कारण बना हुआ है। अगस्त-सितंबर के महीने में जहां एक बार ऐसा लगने लगा था कि वायरस अब निष्क्रिय हो गया है, वहीं यह नया वैरिएंट पहले की तुलना में काफी तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है। विशेषज्ञों के कहना है कि एशियाई देशों में जिस तरह से यह वैरिएंट तेजी से बढ़ता जा रहा है, यह निश्चित ही चिंताजनक स्थिति है। अगले 2-3 महीने काफी महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं, सभी देशों को ओमिक्रॉन की रफ्तार को रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाने की आवश्यकता है।
अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि अब तक के सबसे संक्रामक रहे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन काफी अधिक संक्रामक है, ऐसे में इससे बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इस बीच ओमिक्रॉन की रोकथाम और बचाव के उपायों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने राहत भरी जानकारी साझा की है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एंटीबॉडी की पहचान की है जो ओमिक्रॉन और कोरोनावायरस के अन्य प्रकारों को भी बेअसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।