फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: झूठ तो नहीं बोल रही आपकी स्मार्टवॉच? फिटनेस को लेकर दे सकती है गलत आंकड़े, विशेषज्ञों ने चेताया

Fri, 04 Sep 2026 01:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नए अध्ययन में कई कंपनियों के स्मार्टवॉच की कैलोरी बर्न रीडिंग में गलतियां पाई गई हैं। कुछ कंपनियों के स्मार्टवॉच ने कैलोरी बर्न को 25 प्रतिशत तक ज्यादा बताया। शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन घटाने के लिए इन आंकड़ों को अंतिम सच मानना लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विज्ञापन
1 of 4
स्मार्टवॉच कितना भरोसेमंद? - फोटो : Amarujala.com/AI
हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवल, वॉकिंग स्टेप्स जैसे हेल्थ पैरामीटर्स को चेक करने के लिए क्या आप भी अपनी स्मार्टवॉच पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं? क्या स्मार्टवॉच पर दिखाई देने वाली कैलोरी की रीडिंग वास्तव में उतनी ही होती है, जितनी आपके शरीर ने सच में बर्न की है?

हम में से ज्यादातर लोग फिटनेस पर नजर रखने के लिए स्मार्टवॉच को सबसे आसान तरीका मानते हैं, पर क्या वास्तव में इसपर भरोसा किया जा सकता है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि अमेरिका में हुए एक अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि दुनिया की कई लोकप्रिय कंपनियों के स्मार्टवॉच पर कैलोरी बर्न की रीडिंग भ्रामक और गलत हो सकती है। 

स्मार्टवॉच की रीडिंग को जब वैज्ञानिक उपकरणों से तुलना करके देखा गया तो दोनों के नतीजों में काफी अंतर दिखा। कुछ डिवाइसों ने असल में जितनी कैलोरी बर्न हुई उससे काफी ज्यादा की रीडिंग दिखाई।

अब सवाल सिर्फ ये नहीं है कि स्मार्टवॉच की कैलोरी बर्न रीडिंग गलत बताती है? असली चिंता उन लोगों के लिए है जो वजन कम करने या फिटनेस प्लान के लिए इन आंकड़ों पर आंख मूंद कर भरोसा करते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
स्मार्टवॉच कितने भरोसेमंद? - फोटो : Amarujala.com/AI
स्मार्टवॉच की फिटनेस रीडिंग कितनी भरोसेमंद?

मान लीजिए आपकी स्मार्टवॉच बताती है कि आपने व्यायाम के दौरान 600 कैलोरी बर्न की और इसी भरोसे आप डाइट में रोजाना अतिरिक्त कैलोरी वाली चीजें ले लेते हैं। लेकिन अगर वास्तव में आपने उतनी कैलोरी बर्न ही नहीं की थी, तो आपकी फिटनेस को लेकर पूरी गणना बदल सकती है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जिन लोगों के शरीर में फैट ज्यादा थी उनमें कैलोरी बर्न की रीडिंग में गलती और ज्यादा देखी गई।

तो क्या स्मार्टवॉच से मिलने वाला कैलोरी डेटा बेकार है? जवाब है- बिल्कुल नहीं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे अंतिम सच मानना भी सही नहीं है।
 
  • फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन कंपनियों के स्मार्टवॉच पर दुनियाभर के लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, सबसे ज्यादा गलत रीडिंग भी उन्हीं स्मार्टवॉच ने दी।
  • नामी कंपनियों के स्मार्टवॉच ने आपके शरीर द्वारा बर्न की गई कैलोरी की संख्या कम से कम 110 कैलोरी तक ज्यादा बताई। हां, कुछ कंपनियों के स्मार्टवॉच की स्थिति थोड़ी अलग मिली। 

शोधकर्ताओं ने बताया कि आजकल स्मार्टवॉच पहनना काफी आम हो गया है। एक स्थानीय सर्वे के मुताबिक, ब्रिटेन में करीब एक-तिहाई लोग स्मार्टवॉच का ही इस्तेमाल करते हैं। वहीं करीब हर पांच में से एक ब्रिटिश नागरिक ऐसी स्मार्टवॉच या फिटनेस डिवाइस का इस्तेमाल करता है, जो कैलोरी बर्न, हार्ट रेट और नींद की गुणवत्ता जैसी चीजों को ट्रैक करती है।

लेकिन अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वजन कम करने की योजना बनाते समय इन डिवाइसों से मिलने वाले कैलोरी बर्न के आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं है।
विज्ञापन

3 of 4
कैलोरी बर्न के गलत आंकड़े दे रही स्मार्टवॉच - फोटो : Adobe Stock
अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता और फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में शरीर की गतिविधियों और व्यायाम विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर जेशन कास्त्राना कहते हैं, स्मार्टवॉच पर दिखने वाली कैलोरी बर्न की रीडिंग को बिल्कुल सटीक नहीं माना जा सकता। इसपर भरोसा करके आपको लग सकता है कि आपकी डाइट इस हिसाब से ठीक है, भले ही इसमें कैलोरी वाली चीजें हों क्योंकि स्मार्टवॉच पहले से ही बता रहा है कि आप खूब कैलोरी बर्न कर रहे हैं। 

प्लस वन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में प्रोफेसर कास्त्राना कहते हैं, इन डिवाइसों और उनके एल्गोरिदम में सुधार की जरूरत है।

अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन में 58 वयस्कों को शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों ने एक खास तरह की स्टेशनरी साइकिल चलाई। 
  • हर प्रतिभागी ने 60 मिनट तक साइकिल चलाई। इस दौरान उनसे मध्यम से लेकर तेज स्तर की एक्सरसाइज कराई गई।
  • सभी प्रतिभागियों ने चार अलग-अलग स्मार्टवॉच पहनी हुई थी। 
  • इसके साथ प्रतिभागियों को एक खास मेटाबॉलिक एनालाइजर भी लगाया गया था यह उपकरण मापता है कि व्यायाम के दौरान शरीर कितनी ऑक्सीजन इस्तेमाल कर रहा है और उससे कैलोरी बर्न का अनुमान लगाया जाता है।

इसके बाद शोधकर्ताओं ने मेटाबॉलिक एनालाइजर से मिले आंकड़ों की तुलना स्मार्टवॉच की रीडिंग से की और दोनों के बीच अंतर देखा। नतीजा चौंकाने वाला था। सभी स्मार्टवॉच कैलोरी बर्न की रीडिंग में किसी न किसी तरह की गलती कर रही थीं।

कुछ कंपनियों के वॉच ने कैलोरी बर्न को 25 प्रतिशत तक ज्यादा बताया। औसतन मेटाबॉलिक एनालाइजर से स्मार्टवॉच की रीडिंग करीब 110 कैलोरी ज्यादा थी।
विज्ञापन

4 of 4
स्मार्टवॉच के आंकड़े - फोटो : Amarujala.com/AI
कई चौंकाने वाले खुलासे

शोध में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। जिन लोगों के शरीर में औसत से ज्यादा फैट था, उनकी कैलोरी बर्न की रीडिंग में सभी स्मार्टवॉच पर 22 से 35 कैलोरी तक अतिरिक्त अंतर देखने को मिला। पिछले साल भी फिटनेस के क्षेत्र के कई बड़े विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि स्मार्टवॉच से मिलने वाले कैलोरी बर्न के आंकड़ों में 30 से 150 प्रतिशत तक की गलती हो सकती है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ कैल्बे डोहर्टी ने बताया था कि स्मार्टवॉच किसी व्यक्ति को यह बता सकती है कि उसने 1,000 कैलोरी बर्न की हैं, जबकि वास्तव में उसने सिर्फ 300 कैलोरी खर्च की हों।
 
  • उनके मुताबिक, स्मार्टवॉच जिस तरीके से कैलोरी खर्च का अनुमान लगाती हैं, वही इस गलती की बड़ी वजह है।
  • स्मार्टवॉच मुख्य रूप से हार्ट रेट यानी दिल की धड़कन और शरीर की गतिविधियों या मूवमेंट में होने वाले बदलाव को मापती है।
  • लेकिन यह तरीका उस वैज्ञानिक प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है, जिसमें वास्तव में यह मापा जाता है कि व्यक्ति सांस लेते समय कितनी ऑक्सीजन अंदर ले रहा है और सांस छोड़ते समय कौन-सी गैसें बाहर निकाल रहा है।
  • यही वजह है कि स्मार्टवॉच से मिलने वाला संकेत वास्तविक प्रक्रिया से काफी अलग हो सकते हैं। इस वजह से अनुमान में बड़ी गलती हो सकती है।



--------------
स्रोत:
Body fat, skin tone, and the accuracy of smartwatch caloric expenditure estimates


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें