एक बार फिर डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डेंगू एक खास किस्म के वायरस से होता है। इसका संक्रमण डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन और रात दोनों समय काट सकते हैं।
ऐसे में डेंगू के लक्षणों, इससे बचाव और उपचार के बारे में जानकारी होनी बेहत जरूरी है। इसकी मदद से आप खुद के साथ अपने परिवार को भी इस संक्रमण से दूर रख सकते हैं।
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लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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उपचार
चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार इसके लक्षणों में होने वाले आराम को देखते हुए किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है।
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डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) का रूप ले लेता है और अधिक भयावह हो सकता है। डीएचएफ की आशंका दस साल से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा होती है जिसमें उन्हें तेज पेट दर्द और ब्लीडिंग समस्याएं हो सकती हैं।
बचाव के उपाय
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है इसलिए इसके बचाव के लिए हमारी सजगता और बढ़ जाती है। डेंगू का वायरस मच्छरों द्वारा फैले संक्रमण से होता है इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों व ड्रम में जमा पानी को हमेशा ढककर रखें और आस-पास के गड्ढे आदि में पानी न जमा होने दें।