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Samosa Side Effect: आखिर क्यों समोसा सेहत के लिए होता है हानिकारक? जानें इसके पीछे की मूल वजह

Wed, 16 Jul 2025 01:42 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

समोसा खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, ये सेहत के लिए उतना ही नुकसानदायक भी होता है। इसके पीछे कई कारण होते हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि कितना समोसा खाना सेहत के लिए कम नुकसानदायक हो सकता है।
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samosa - फोटो : Adobe stock
Why Samosa Is Unhealthy? हमारे देश भारत में समोसा सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि लाखों लोगों की भावना और उनकी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है। चाहे हल्की बारिश हो या शाम की थकान मिटानी हो, गरमा गरम समोसा देखते ही सभी के मुंह में पानी आ जाता है। बच्चे से लेकर बूढ़े तक लगभग हर कोई इस समोसे के लाजवाब स्वाद को पसंद करता है।

लेकिन, इसका एक दूसरा पहलू भी है, जिसे अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि यह स्वादिष्ट दिखने वाला समोसा आपकी सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है? अक्सर हम इसके लुभावने स्वाद में ऐसे डूब जाते हैं कि इसके नकारात्मक प्रभावों पर ध्यान ही नहीं देते। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते हैं कि समोसे का अधिक सेवन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। आइए अब जानते हैं कि समोसा हमारी सेहत के लिए क्यों नुकसानदायक है, ताकि आप समझदारी से इसका सेवन कर सकें।
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samosa - फोटो : Adobe stock
डीप फ्राई: अनहेल्दी फैट का मुख्य कारण
समोसे को स्वादिष्ट होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है कि उसे डीप फ्राई किया जाता है। ज्यादातर जगहों पर समोसे को बार-बार गर्म किए गए तेल में तला जाता है। बार-बार गरम करने से तेल में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बढ़ जाती है।

ये दोनों ही प्रकार के फैट हमारे हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। ये न केवल शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं, बल्कि अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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Dal Samosa - फोटो : Adobe stock
मैदा का उपयोग और पाचन पर असर
समोसे की बाहरी परत मैदा से बनी होती है। मैदा बनाने की प्रक्रिया में गेहूं से चोकर और रोगाणु निकाल दिए जाते हैं, जिससे उसमें फाइबर और पोषक तत्वों की भारी कमी हो जाती है। फाइबर की कमी के कारण मैदा आसानी से पचता नहीं है और पेट में भारीपन, कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।

इसके अलावा, मैदा में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है और फिर अचानक गिराता है, जिससे भूख जल्दी लगती है और एनर्जी लेवल अस्थिर रहता है। यह खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है।

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Dal Samosa - फोटो : instagram
हाई कैलोरी और कम पोषण
समोसे में मौजूद आलू का भरावन और मैदे की तली हुई परत, इसे कैलोरी का पावरहाउस बना देती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और फैट भरपूर मात्रा में होते हैं, लेकिन प्रोटीन, विटामिन और खनिज जैसे जरूरी पोषक तत्व बहुत कम या न के बराबर होते हैं।

समोसा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो आपको ऊर्जा तो देता है, लेकिन कोई खास पोषण नहीं देता। इसका नियमित सेवन मोटापा, और मोटापे से जुड़ी अन्य बीमारियों, जैसे डायबिटीज और हृदय रोग, का सीधा कारण बनता है।
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Dal Samosa - फोटो : instagram
स्वच्छता और अन्य छिपे हुए जोखिम
सड़क किनारे या छोटी दुकानों पर बिकने वाले समोसे में स्वच्छता की कमी की वजह से अधिक नुकसानदायक हो सकते हैं। जूस बनाने में गंदे बर्तन, दूषित पानी या सही तरीके से न ढंके गए समोसे पर बैक्टीरिया और कीटाणु आसानी से पनपने लगते हैं। यह पेट के संक्रमण, डायरिया, फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
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समोसा - फोटो : Freepik.com
कितना समोसा खाना चाहिए?
बहुत से लोगों के दिमाग में ये सवाल होता है कि एक स्वस्थ इंसान को कितना समोसा खाना चाहिए? विशेषज्ञों के मुताबिक 1 सप्ताह में एक समोसा आपके सेहत के लिए कम नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अगली बार जब समोसा खाने का मन करे, तो अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इसका सेवन सीमित मात्रा में करें या घर पर स्वस्थ तरीके से बनाने का विकल्प चुनें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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