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Heat Stroke Alert: बच्चों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने के आसान तरीके

Wed, 27 May 2026 03:36 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Safety Tips For Children In Heat Stroke: अगर आपके घर में छोटा बच्चा है और आप उसे हीट स्ट्रोक से बचाकर रखना चाहते हैं तो कुछ टिप्स फॉलो करना शुरू कर दें। 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
Safety Tips For Children In Heat Stroke: गर्मी का मौसम बच्चों के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि उनका शरीर बड़े लोगों की तुलना में तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता। तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू के संपर्क में आने से बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। 

हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अचानक बहुत अधिक हो जाता है और समय पर ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, तेज बुखार और बेहोशी जैसे लक्षण जल्दी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में माता-पिता को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। कुछ आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनाकर आप अपने बच्चे को गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।
 
 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
पर्याप्त पानी पिलाएं
 
  • गर्मी के मौसम में बच्चों के शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। 
  • बच्चों को ORS, नारियल पानी, छाछ और घर का बना नींबू पानी भी शरीर में जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखने में मदद करते हैं। 
  • छोटे बच्चों को बाहर खेलने के बाद तुरंत पानी जरूर दें।

 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
दोपहर की धूप से बचाएं
 
  • दोपहर के समय तापमान सबसे ज्यादा होता है और इसी दौरान लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • कोशिश करें कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को बाहर खेलने या धूप में घूमने न भेजें। 
  • अगर बाहर जाना जरूरी हो तो उन्हें छांव में रखें और ज्यादा देर तक धूप में न रहने दें।

 

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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
 
  • गर्मी में बच्चों को हमेशा ढीले और सूती कपड़े पहनाने चाहिए। 
  • कॉटन के कपड़े पसीना आसानी से सोख लेते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। 
  • ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनाने से बच्चों को घमौरियां, खुजली और बेचैनी हो सकती है।

 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
जंक फूड और ज्यादा मसालेदार चीजें कम दें
 
  • गर्मी में बच्चों का पाचन तंत्र जल्दी प्रभावित हो सकता है। 
  • ऐसे में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड खाने से पेट खराब होने और शरीर में गर्मी बढ़ने की समस्या हो सकती है। 
  • बच्चों को ताजे फल, दही, सलाद, खिचड़ी और हल्का घर का बना भोजन देना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
बाहर जाते समय कैप और छाता इस्तेमाल करें
 
  • जब भी बच्चे को बाहर लेकर जाएं तो उसे टोपी, कैप या छाता जरूर दें ताकि सिर और चेहरे पर सीधी धूप न पड़े। 
  • तेज धूप से बचाने के लिए सनग्लास का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  •  इससे बच्चों को गर्मी और UV किरणों के नुकसान से बचाया जा सकता है।

 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
शरीर को ठंडा रखें
 
  • गर्मी के दौरान घर का तापमान सामान्य रखना बेहद जरूरी है।
  •  कमरे में पंखा, कूलर या AC का सही तरीके से इस्तेमाल करें, लेकिन ध्यान रखें कि बच्चा बहुत ज्यादा गर्म या बंद जगह पर न रहे।
  •  बच्चों को समय-समय पर ठंडे पानी से चेहरा और हाथ-पैर धुलवाना भी राहत देता है।

 
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बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं? - फोटो : AI
हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें

अगर बच्चे को तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, सिरदर्द या बेहोशी जैसी समस्या हो रही है तो यह हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करें और बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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