फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Anti Aging Vaccine: जल्द आने वाली है बुढ़ापा रोकने वाली दुनिया की पहली वैक्सीन, जवां बने रहने का सपना होगा सच

Sat, 25 Apr 2026 08:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Russia Anti-Aging vaccine: रूस बुढ़ापे को रोकने वाली वैक्सीन बनाने पर काम कर रहा है। वैज्ञानिक जीन थेरेपी दवा बना रहे हैं जिसका मकसद शरीर में उम्र से जुड़े बदलाव वाले रिसेप्टर को रोककर कोशिकाओं के बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा करना है।
विज्ञापन
1 of 3
एंटी-एजिंग वैक्सीन - फोटो : Amarujala.com
हर इंसान चाहता है कि उसकी उम्र लंबी हो, शरीर चुस्त-फिट रहे और चेहरा हमेशा जवां दिखे। जल्दी बूढ़ा कौन ही होना चाहता है? लेकिन गड़बड़ लाइफस्टाइल, खराब खानपान के साथ तनाव और नींद की कमी उम्र से पहले ही शरीर पर असर दिखाने लगती हैं।

40 की उम्र से पहले ही झुर्रियां, चेहरे की रौनक कम होने और ऊर्जा में कमी अब आम बात होती जा रही है। वैज्ञानिक भाषा में इसे सेलुलर एजिंग कहा जाता है। यानी शरीर की कोशिकाएं धीरे-धीरे अपनी मरम्मत की क्षमता खोने लगती हैं, यही प्रक्रिया हमें बूढ़ा बनाती है। 

पिछले साल की एक रिपोर्ट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लंबी उम्र पाने की अपनी महत्वाकांक्षाओं पर चर्चा की थी। सितंबर 2025 में व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इंसानी आयु 150 साल तक होने के उपायों की खोज पर बात की। इसके लिए पुतिन ने सुझाव दिया था कि नियमित रूप से ऑर्गन रिप्लेसमेंट के जरिए लोग लंबे समय तक जवान बने रह सकते हैं। 

पुतिन का ये सपना अब साकार होता दिख रहा है। रूसी वैज्ञानिकों ने हाल ही में दावा किया है कि वे बुढ़ापा रोकने वाली दुनिया की पहली एंटी-एजिंग दवा/वैक्सीन पर तेजी से काम कर रहे हैं। 
विज्ञापन

2 of 3
झुर्रियों और बढ़ती उम्र को रोकने वाली वैक्सीन - फोटो : Adobe Stock
रूस बना रहा है बुढ़ापे को रोकने वाली वैक्सीन

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस, बुढ़ापे को रोकने वाली वैक्सीन बनाने पर काम कर रहा है। वैज्ञानिक जीन थेरेपी दवा बना रहे हैं जिसका मकसद शरीर में उम्र से जुड़े बदलाव वाले रिसेप्टर को रोककर कोशिकाओं के बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा करना है। 

रूस के उप विज्ञान और उच्च शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने 23 अप्रैल को बताया कि यह प्रायोगिक इलाज RAGE रिसेप्टर को टारगेट करेगा। यही रिसेप्टर सक्रिय होकर कोशिकाओं के बुढ़ापे की प्रक्रिया को शुरू कर देता है। इसपर कंट्रोल करके कोशिकाओं को लंबे समय तक जवां बनाए रखा जा सकता है।
 
  • रूसी मंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा बनाना है, जिसे खास तौर पर रिसेप्टर को ब्लॉक करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इस प्रोजेक्ट को 'इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग बायोलॉजी एंड मेडिसिन' द्वारा विकसित किया जा रहा है।
  • यह रूस के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने देश में बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च का विस्तार करना चाहता है।
  • गौरतलब है कि रूस इस समय जनसंख्या में गिरावट और तेजी से बूढ़ी होती आबादी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
उम्र बढ़ने की रफ्तार होगी कम - फोटो : Adobe stock
बढ़ती उम्र को रोकने का सपना होगा सच

रूसी अधिकारियों ने लंबी उम्र पर होने वाले शोध को अब सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता और राष्ट्रीय महत्व का विषय मानना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में ऐसे वैज्ञानिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिनका उद्देश्य इंसानों को स्वस्थ और लंबी उम्र देना है।
 
  • उप-प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने पहले ही कहा था कि रूस की योजना 2028 से 2030 के बीच एंटी-एजिंग दवा का उत्पादन शुरू करने की है।
  • उन्होंने कहा था कि जिसे कुछ समय पहले हम एक अविश्वसनीय भविष्य के रूप में देखते थे, वह अब हकीकत बनता जा रहा है।
  • इस कार्यक्रम का बजट 2 ट्रिलियन रूबल (26.4 अरब डॉलर) से भी अधिक है।

यह तकनीक अभी रिसर्च के दौर में है, लेकिन इसके शुरुआती नतीजों ने उम्मीद जरूर जगा दी है। अगर यह सफल होती है, तो आने वाले समय में बुढ़ापा सिर्फ एक प्राकृतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नियंत्रित की जा सकने वाली स्थिति बन सकता है, यानी भविष्य में जवां बने रहने का सपना सिर्फ सपना नहीं रहेगा।



--------------
स्रोत: 
Russia Develops ‘Anti-Aging Vaccine’ Targeting Cellular Aging


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें