मलेरिया और इसका खतरा
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भारत में मलेरिया की क्या स्थिति है?
भारत ने अपनी व्यापक रणनीति और अथक प्रयासों से मलेरिया की रोकथाम में सफलता पाई है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मलेरिया के अनुमानित मामलों की संख्या 2017 में 64 लाख से घटकर 2023 में 20 लाख रह गई, जो 69% की गिरावट है। इसी प्रकार, इसी अवधि में मलेरिया से होने वाली मौतें 11,100 से घटकर 3,500 हो गई, जो 68% की कमी है। अब स्वदेशी टीके के निर्माण से मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आईसीएमआर ने जानकारी दी है कि मलेरिया के टीके की खोज पूरी कर ली गई है। इसे फिलहाल एडफाल्सीवैक्स नाम दिया है, जो मलेरिया परजीवी प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के खिलाफ पूरी तरह असरदार पाया गया है। आईसीएमआर और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के शोधकर्ताओं ने मिलकर यह स्वदेशी टीका तैयार किया है।