फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी कामयाबी: मलेरिया की रोकथाम के लिए आ गई पहली स्वदेशी वैक्सीन, जानिए ये कितनी असरदार

Sat, 19 Jul 2025 07:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत ने मलेरिया की रोकथाम के लिए अपना पहला टीका तैयार कर लिया है। जल्द ही टीके के उत्पादन के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) निजी कंपनियों के साथ समझौता करने की तैयारी में है। 
विज्ञापन
1 of 4
मलेरिया की रोकथाम - फोटो : Freepik.com
Vaccine For Malaria: मच्छरजनित बीमारियां भारत में हर साल स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाती जा रही हैं। विशेषतौर पर मानसून के दिनों में इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। डेंगू-मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में न केवल लोगों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, बल्कि इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी देखे जाते रहे हैं। इस दिशा में भारतीय वैज्ञानिकों को अब बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

भारत ने मलेरिया की रोकथाम के लिए अपना पहला टीका तैयार कर लिया है। जल्द ही टीके के उत्पादन के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) निजी कंपनियों के साथ समझौता करने की तैयारी में है। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि इससे न सिर्फ अस्पतालों पर पड़ने वाले दवाब को कम किया जा सकेगा बल्कि रोगियों की जान बचाने में भी मदद मिल सकेगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नवीनतम विश्व मलेरिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में दुनियाभर में मलेरिया के अनुमानित 263 मिलियन (26.3 करोड़) मामले सामने आए और 5.97 लाख लोगों की मौत हो गई। टीका आने के बाद मौत के जोखिमों को और कम किया जा सकता है।
विज्ञापन

2 of 4
मलेरिया और इसका खतरा - फोटो : adobe stock images
भारत में मलेरिया की क्या स्थिति है?

भारत ने अपनी व्यापक रणनीति और अथक प्रयासों से मलेरिया की रोकथाम में सफलता पाई है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मलेरिया के अनुमानित मामलों की संख्या 2017 में 64 लाख से घटकर 2023 में 20 लाख रह गई, जो 69% की गिरावट है। इसी प्रकार, इसी अवधि में मलेरिया से होने वाली मौतें 11,100 से घटकर 3,500 हो गई, जो 68% की कमी है। अब स्वदेशी टीके के निर्माण से मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आईसीएमआर ने जानकारी दी है कि मलेरिया के टीके की खोज पूरी कर ली गई है। इसे फिलहाल एडफाल्सीवैक्स नाम दिया है, जो मलेरिया परजीवी प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के खिलाफ पूरी तरह असरदार पाया गया है। आईसीएमआर और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के शोधकर्ताओं ने मिलकर यह स्वदेशी टीका तैयार किया है।
विज्ञापन

3 of 4
मलेरिया की रोकथाम के लिए टीका - फोटो : Adobe Stock
मौजूदा टीकों से बेहतर

वर्तमान में, मलेरिया के दो टीके (RTS,S/AS01 (मॉस्किरीक्स) और R21/मैट्रिक्स-M) उपलब्ध हैं और इनकी कीमत ₹250 से ₹830 प्रति खुराक के बीच है। इनकी प्रभावकारिता दर 33 प्रतिशत से 67 प्रतिशत के बीच है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा टीकों के विपरीत, एडफाल्सीवैक्स दोहरे चरण की सुरक्षा प्रदान करता है और किफायती भी है।

आरएमआरसी के वैज्ञानिक डॉ. सुशील सिंह ने कहा कि नया टीका मानव संक्रमण को रोक सकता है। एडफाल्सीवैक्स व्यापक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। इसमें Pfs230 और Pfs48/45 प्रोटीन का एक नया मिश्रण शामिल है जो संक्रमण को रोकने वाले मजबूत एंटीबॉडी बनाता है।
विज्ञापन

4 of 4
मलेरिया से बचाव - फोटो : Freepik.com
इस टीके की क्या खासियत है?

एडफाल्सीवैक्स को मौजूदा टीकों से अलग बनाने वाली बात इसकी फार्मास्युटिकल स्टेबिलिटी है। यह फॉर्मूला कमरे के तापमान पर नौ महीने से ज़्यादा समय तक प्रभावी रहता है, जिससे महंगी कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स की जरूरत खत्म हो जाती है, जो दूरदराज और संसाधन-सीमित क्षेत्रों में टीका वितरण में एक बड़ी बाधा बनी हुई है। आरएमआरसी की निदेशक डॉ. संघमित्रा पति ने कहा, वैक्सीन की प्रभावकारिता एक दशक से ज्यादा समय तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। 


-------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें