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Covid Risk: संक्रमण के रहे हैं शिकार? आपमें लिवर डैमेज का हो सकता है खतरा, विशेषज्ञों ने किया सावधान

Sat, 03 Dec 2022 01:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड-19 संक्रमितों में बढ़ रही है लिवर की समस्याएं - फोटो : Pixabay
पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी के सेहत पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव देखे गए हैं। कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में लॉन्ग कोविड के जोखिमों को लेकर भी तमाम अध्ययनों में अलर्ट किया जाता रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि संक्रमण का शिकार रह चुके लोगों में हृदय, किडनी पर इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहन की सलाह दी जाती है। इस बीच एक हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने कोविड के एक और गंभीर दुष्प्रभाव को लेकर अलर्ट किया है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही कोविड-19 को सांस की बीमारी के तौर पर देखा जाता रहा है, पर इसका शरीर पर और भी कई प्रकार से दुष्प्रभाव हो सकता है। लॉन्ग कोविड में संक्रमितों में इंफ्लामेशन का जोखिम भी देखा जाता रहा है, जिससे हृदय, मस्तिष्क और लिवर सहित कई अन्य अंगों को क्षति हो सकती है।

हालिया शोध में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लॉन्ग कोविड के कारण लिवर डैमेज के बढ़ते मामलों के बारे में अलर्ट किया है। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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लिवर की बढ़ती समस्याओं का जोखिम - फोटो : Pixabay
संक्रमण के दीर्घकालिक जोखिम

रेडियोलॉजी सोसायटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका की वार्षिक बैठक में हाल ही में एक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि संक्रमण से ठीक होने के एक साल बाद भी लोगों में लिवर इंजरी की समस्या देखी जा रही है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं इस शोध में पाया कि कोविड-19 का शरीर के कई अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव देखा जा रहा है, लिवर उनमें से एक है।

संक्रमण से ठीक होने के कई महीने बाद भी इस तरह के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जिसके लेकर संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
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लिवर की बढ़ती समस्याओं को लेकर अलर्ट - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन के लिए उन रोगियों को शामिल किया गया जिनका कम से कम 12 सप्ताह पहले टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव था। कोविड से सुरक्षित लोगों के साथ किए गए इस तुलनात्मक अध्ययन में विशेषज्ञों ने पाया कि संक्रमितों में लिवर स्टिफनेस की दिक्कत अधिक थी। कोरोना किस प्रकार से लिवर में इस तरह की गंभीर समस्याओं का कारण बन रहा है, इस बारे में समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। 

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कोरोना संक्रमितों में बढ़ रही हैं लिवर की बीमारियां - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

प्रमुख शोधकर्ता डॉ फिरोज हैदरी बताते हैं, शोध के दौरान पाया गया है कि संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में लिवर स्टिफनेस की दिक्कत बढ़ी है। कुछ लोगों में लिवर फाइब्रोसिस और लिवर के भीतर ऊतकों से संबंधित दिक्कतों का भी निदान किया गया है। इससे दीर्घकालिक रूप में लिवर फाइब्रोसिस और गंभीर स्थितियों में लिवर कैंसर तक का खतरा हो सकता है।

डॉ. हैदरी कहते हैं, " फिलहाल हम अभी इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं कि इस तरह के मामले किन लोगों में गंभीर हो सकते हैं। पर जिस तरह से कोविड-19 के कई दार्घकालिक जोखिमों का पता चला है इसको देखते हुए ठीक हो चुके लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। 
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संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी - फोटो : istock
कोरोना से बचाव अब भी जरूरी

शोधकर्ताओ ने बताया, कोविड-19 का शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकता है, अलग-अलग अध्ययनों में इसके प्रमाण देखे जाते रहे हैं। दीर्घकालिक जटिलताओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप संक्रमण से बचाव करते रहें। वैक्सीनेशन वाले लोगों में फिलहाल गंभीर जटिलताओं का खतरा कम है।

कोविड के मामले भले ही अभी कम हैं पर इससे बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहने की आवश्यकता है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और हाथों की उचित स्वच्छता का पालन करना वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार उपाय हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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