पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी के सेहत पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव देखे गए हैं। कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में लॉन्ग कोविड के जोखिमों को लेकर भी तमाम अध्ययनों में अलर्ट किया जाता रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि संक्रमण का शिकार रह चुके लोगों में हृदय, किडनी पर इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहन की सलाह दी जाती है। इस बीच एक हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने कोविड के एक और गंभीर दुष्प्रभाव को लेकर अलर्ट किया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही कोविड-19 को सांस की बीमारी के तौर पर देखा जाता रहा है, पर इसका शरीर पर और भी कई प्रकार से दुष्प्रभाव हो सकता है। लॉन्ग कोविड में संक्रमितों में इंफ्लामेशन का जोखिम भी देखा जाता रहा है, जिससे हृदय, मस्तिष्क और लिवर सहित कई अन्य अंगों को क्षति हो सकती है।
हालिया शोध में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लॉन्ग कोविड के कारण लिवर डैमेज के बढ़ते मामलों के बारे में अलर्ट किया है। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।