कैंसर के इलाज के लिए की जानेवाली कीमोथेरपी के कारण भी बोन मैरो को नुकसान पहुंचता है। बोन मैरो में पहले से कोई संक्रमण को इसमें होनेवाली क्षति अधिक बढ़ सकती है। इस स्थिति में भी बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। कीमोथेरपी और रेडिएशन थेरपी के दुष्प्रभाव के कारण भी इसकी जरूरत पड़ती है। इसके अलावा अप्लास्टिक एनीमिया, ल्यूकीमिया, लिंफोमा, थैलेसीमिया जैसी बीमारी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है, जो ब्लड में पाई जानेवाली कोशिकाओं के उत्पादन और संक्रमण से जुड़े होते हैं।