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Health Tips: एक्टर ऋषभ टंडन की हार्ट अटैक से मौत, डॉक्टर से जानें क्यों युवाओं में बढ़ रही है दिल की बीमारियां

Wed, 22 Oct 2025 08:11 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

युवाओं में हार्ट अटैक आना एक आज के समय में बेहद आम समस्या हो गई है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जानें मानें एक्टर और सिंगर ऋषभ टंडन की बुधवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि युवाओं में आखिर क्यों हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
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ऋषभ टंडन - फोटो : Amar Ujala
Causes of Heart Attack in Youth: जाने-माने एक्टर और सिंगर ऋषभ टंडन का 35 साल की छोटी उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया है। बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए यह एक और बड़ा और चौंकाने वाला झटका है, जिसने एक बार फिर युवाओं में अचानक बढ़ रहे दिल के रोगों की चिंता को गहरा कर दिया है। ऋषभ टंडन की मौत ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कम उम्र में ही, जब जीवन अपने चरम पर होता है, तब हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारी क्यों दस्तक दे रही है।

हृदय रोग विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि युवाओं बढ़ रही हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण हमारी आधुनिक और तनावग्रस्त जीवनशैली है, जो स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही और बिगड़े हुए खान-पान का सीधा परिणाम है। ऐसे में यह जरूरी है कि 30 से 40 वर्ष की आयु के युवा इस घटना को एक गंभीर खतरे की घंटी समझें और इस 'साइलेंट किलर' बीमारी से खुद को बचाने के लिए अपनी जीवनशैली में तुरंत और स्थायी बदलाव लाएं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विशेषज्ञों की राय जानते हैं।
 
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
एक रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं में हार्ट अटैक के मामले 25% तक बढ़ गए हैं। इस विषय पर सोशल मीडिया पर डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि हॉर्ट संबंधित समस्याओं के मुख्य कारण हैं- अत्यधिक तनाव, 6 घंटे से कम नींद, असंतुलित आहार (जंक फूड), शारीरिक निष्क्रियता (सेडेंटरी लाइफस्टाइल), और धूम्रपान की लत। ये सभी कारक कम उम्र में ही दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते जीवनशैली में बदलाव करना अत्यंत आवश्यक है।

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पेसमेकर - फोटो : Adobe stock images
इन 'साइलेंट सिग्नल्स' को न करें नजरअंदाज
युवा अक्सर हार्ट अटैक के लक्षणों को थकान या गैस मान लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। अगर किसी व्यक्ति को छाती में दर्द के अलावा, अचानक पसीना आना, जबड़े या हाथ में दर्द, बिना कारण थकान, या सांस फूलना जैसे असामान्य संकेत दिखते हैं तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसे किसी भी संकेत पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

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हृदय रोग, हार्ट अटैक - फोटो : adobe stock photos
बचाव के लिए डाइट और फिटनेस में बदलाव करें
हार्ट अटैक से बचाव के लिए 30 की उम्र के बाद डाइट में बदलाव जरूरी है। फैट और चीनी युक्त भोजन से बचें। ताजे फल, सब्जियां, और प्रोटीन को प्राथमिकता दें। रोजाना 30 मिनट का शारीरिक व्यायाम (वॉक/योग) जरूर करें। साथ ही, मेडिटेशन करें जिससे तनाव नियंत्रित रहता है।

 
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हार्ट अटैक - फोटो : Adobe stock photos
30 के बाद ये टेस्ट हैं आवश्यक
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि 30 वर्ष की आयु के बाद हर युवा को नियमित जांच करानी चाहिए। ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की जांच के साथ-साथ, लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (कोलेस्ट्रॉल जांच) जरूरी है। पारिवारिक इतिहास होने पर ECG और TMT टेस्ट भी कराएं। जागरुकता और समय पर स्क्रीनिंग ही दिल की बीमारियों से बचाव का सबसे सरल उपाय है।

 
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हार्ट, हार्ट अटैक - फोटो : Freepik.com
फेमस डॉ. दिमित्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक पीने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा है कि एनर्जी ड्रिंक के अत्यधिक सेवन से गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। डॉक्टर ने सभी लोगों, खासकर युवाओं को, इस जोखिम के प्रति सावधान रहने और एनर्जी ड्रिंक्स के सेवन से बचने की सख्त सलाह दी है।
 


नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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