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Right Time To Eat Pulses: रात में खाते हैं दाल तो हो सकते हैं ये नुकसान, जानकर छोड़ देंगे सेवन

Wed, 29 Jan 2025 06:55 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

कुछ दालों का सेवन रात के समय भूल से भी नहीं करना चाहिए, इससे सेहत को नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं दाल  खाने के फायदे, दाल के सेवन का सही समय और गलत समय। किस वक्त कौन सी दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। 
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दाल खाने का सही समय - फोटो : Amar Ujala
Right Time To Eat Pulses: दाल पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसका भारतीय भोजन में विशेष महत्व है। दाल में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स आदि पाए जाते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए दाल का सेवन सही समय और मात्रा में करना चाहिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दाल खाने का सही समय क्या है? 

दोपहर के समय सभी प्रकार की दालें खाई जा सकती हैं, जबकि रात में हल्की दालें, जैसे मूंग दाल, खानी चाहिए। भारी दालों से गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। कुछ दालों का सेवन रात के समय भूल से भी नहीं करना चाहिए, इससे सेहत को नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं दाल  खाने के फायदे, दाल के सेवन का सही समय और गलत समय। किस वक्त कौन सी दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। 
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दाल खाने के फायदे - फोटो : Istock
दाल खाने के फायदे

शाकाहारियों के लिए दाल सबसे अच्छा प्रोटीन स्रोत होता है। लो कैलोरी और हाई फाइबर के कारण दाल वजन घटाने में सहायक होती है। दाल में मौजूद पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को काबू में रखते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। दाल में कैल्शियम और फास्फोरस अच्छी मात्रा में होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह बालों और त्वचा के लिए लाभदायक हैं। 

दालें एनर्जी बूस्टर का काम करती हैं। ये एनीमिया से बचाती हैं और शरीर को ऊर्जा देती हैं। लिवर और किडनी के लिए दाल फायदेमंद हैं। दाल का नियमित सेवन टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
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दाल खाने का सही समय - फोटो : instagram
दाल खाने का सही समय

दाल कई गुणों से युक्त है लेकिन इसका सही समय पर सेवन शरीर को अत्यधिक लाभ पहुंचा सकता है। दोपहर के समय दाल खाना सबसे फायदेमंद माना जाता है। इस समय पाचन शक्ति मजबूत होती है, जिससे दाल आसानी से पच जाती है और शरीर को पूरा पोषण मिलता है। वहीं रात के समय हल्की दाल खानी चाहिए, क्योंकि भारी दालें पचने में मुश्किल होती हैं और गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या पैदा कर सकती हैं।

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रात में कौन सी दाल नहीं खानी चाहिए? - फोटो : Istock
रात में दाल खाने के नुकसान

रात में कुछ दालें गैस और अपच की समस्या पैदा कर सकती हैं। साथ ही कुछ दालें शरीर में कफ बढ़ा सकती हैं, जिससे नींद में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा गलत दाल खाने से एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए रात में कुछ दालों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
 
रात में कौन सी दाल नहीं खानी चाहिए?


अरहर दाल- यह भारी और देर से पचने वाली होती है, जिससे गैस और एसिडिटी हो सकती है। रात में अरहर यानी तूर दाल का सेवन से बचना चाहिए।

मसूर दाल - मसूर दाल से कफ बढ़ता है, जिससे रात में सोते समय खर्राटे और बलगम बनने की समस्या हो सकती है। 

काली उड़द दाल - ये दाल मखनी वाली दाल है, जिसे रात में नहीं खाना चाहिए। यह सबसे भारी और पचने में कठिन होती है। जिससे पेट में भारीपन महसूस होता है।
 
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रात में कौन सी दाल खा सकते हैं?  - फोटो : Istock
रात में कौन सी दाल खा सकते हैं? 

अगर आप रात में दाल का सेवन करना चाहते हैं तो मूंग दाल, चने की दाल या मटर की दाल का सेवन कर सकते हैं।  हालांकि रात के वक्त इन दालों का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। मूंग दाल हल्की, जल्दी पचने वाली और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। चना दाल का सेवन कम मात्रा में करने से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन अधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिए। मटर दाल हल्की होती है और पेट के लिए फायदेमंद हो सकती है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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