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Rich Man's Disease: इसे माना जाता है 'अमीरों की बीमारी', जानिए इसके लक्षण, कारण से लेकर बचाव तक विस्तार से

Tue, 02 Aug 2022 06:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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रिच मैन डिजीज के बारे में जानिए - फोटो : iStock
क्या बीमारी भी अमीरी-गरीबी देखकर होती है? इसका सीधा सा जवाब है-नहीं। पर क्या आप जानते हैं कि वैश्विक स्तर पर बीमारियों की सूची में एक बीमारी को अमीरी से जोड़कर देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी ज्यादातर उन लोगों को प्रभावित करती है जिनकी जीवनशैली और खान-पान रईसों वाली होती हैं, मेडिकल की भाषा में इस स्वास्थ्य समस्या को 'गाउट आर्थराइटिस' के रूप में जाना जाता है।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इसे 'अमीरों की बीमारी' कहने का प्रमुख कारण खान-पान की वह आदतें हैं जो अपेक्षाकृत अधिक महंगी होती हैं।

गाउट वास्तव में इंफ्लामेटरी आर्थराइटिस यानी कि सूजन वाली गठिया का एक प्रकार है। जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल के निर्माण के कारण यह समस्या होती है। इस स्थिति में जोड़ों में सूजन, लालिमा जैसी दिक्कतें देखने को मिल सकती है। ज्यादातर मामलों में गाउट की समस्या पैर के अंगूठे को प्रभावित करती है। यदि समय रहते गाउट का इलाज न किया जाए तो यह गंभीर दर्द और जोड़ों की समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए इस समस्या के बारे में विस्तार से समझते हैं। 
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गाउट आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : iStock
गाउट-अमीरों की बीमारी

गाउट को अमीरों की बीमारी के रूप में वर्णित किया गया है, इसका प्रमुख कारण रेड वाइन, रेड मीट और अन्य समृद्ध खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन माना जाता है। ये खाद्य और पेय पदार्थ अपेक्षाकृत महंगे होते हैं और शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा देते हैं। बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण जोड़ों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

इस समस्या पर यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो  यूरिक एसिड किडनी में यूरिक एसिड क्रिस्टल बनाने लगते हैं जिसके कारण किडनी स्टोन होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। 
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गाउट की समस्या - फोटो : iStock
गाउट के लक्षणों को जानिए?

अधिकतर मामलों में गाउट के लक्षण अचानक और अक्सर रात में विकसित या नजर आ सकते हैं। इसके कारण जोड़ों का तेज दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में समस्या का अनुभव होता है। गंभीर दर्द के कम होने के बाद जोड़ों की कुछ परेशानी कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक भी रह सकती है। इसके अलावा प्रभावित जोड़ सूजे हुए, गर्म और लाल हो जाते हैं। जैसे-जैसे गाउट बढ़ता है, आपके लिए जोड़ों को सामान्य रूप से हिलाना तक भी कठिन हो जाता है। 

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गाउट का असर पैर की उंगलियों में - फोटो : Pixabay
गाउट क्यों होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जब आपके जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल जमा होने लगते हैं तो यह स्थिति सूजन और तीव्र दर्द वाले गाउट का कारण बन सकती है। रक्त में यूरिक एसिड का स्तर अधिक हो जाने पर यूरेट क्रिस्टल बनते हैं। इसके अलावा रेड मीट जैसे कुछ कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन नामक तत्व पाया जाता है, यह भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ावा दे सकती है। समुद्री भोजन, मादक पेय, मांसाहार आदि के कारण गाउट का खतरा अधिक होता है, यही कारण है कि इसे अमीरों की बीमारी कहा जाता है।
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गाउट की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : pixabay
गाउट से बचाव और इलाज

दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के आधार पर गाउट के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसके लिए एंटी-इंफ्लामेटरी और दर्द निवारक दवाओं को प्रयोग में लाया जाता है। डॉक्टर्स के मुताबिक गाउट के लक्षणों को कम करने के लिए दवाओं के साथ जीवनशैली को ठीक रखना भी आवश्यक हो जाता है। इसके लिए स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन करें। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक हो। इसके अलावा नियमित व्यायाम और वजन को कंट्रोल करके भी बचाव किया जा सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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