फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपके भी पैरो में होती है झुनझुनी और पड़ते हैं सुन्न तो हो सकते हैं इस गंभीर बीमारी के शिकार

Tue, 05 Mar 2019 03:49 PM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
legs paining
बहुत सारे लोगों को सोते समय पैरों में कंपन, खिंचाव और दर्द की शिकायत रहती हैं। कई बार लोग बिना डॉक्टर की सलाह लिए इसे अर्थराइटिस या ऑस्टियोपोरोसिस समझकर कैल्शियम का सेवन करने लगते हैं। बावजूद इसके उन्हें किसी तरह का आराम नहीं मिलता। ऐसा इसलिए क्योकि यह एक न्यूरोलॉजिकल डिजीज है। वक्त रहते अगर आप इसका इलाज नहीं करवाएंगे तो यह परेशानी पार्किंसंस में तब्दील हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इसका उपचार बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे से जुड़ी जानकारियां...
विज्ञापन

2 of 6
अर्थराइटिस
ऐसा क्यों होता है?
जब हम सामान्य अवस्था में होते हैं तो हमारे पैरों की मांसपेशियों और जोड़ों को एक्टिव बनाए रखने के लिए हमारा ब्रेन न्यूरोट्रांस्मीटर्स के जरिए विद्युत तरंगों का प्रवाह होता है। इसी तरह जब हम बैठते या लेटते हैं तो यह प्रवाह रुक जाता है, लेकिन जब ब्रेन से विद्युत तरंगे लगातार प्रवाहित होती रहती हैं तो पैरों में कंपन होने लगती है।
विज्ञापन

3 of 6
आर्थराइटिस की समस्या
पैंरों में कंपन इसलिए होने लगती है क्योकि ब्रेन से निकलने वाला हॉर्मोन डोपामाइन इन तरंगों के प्रवाह को कंट्रोल करता है और इसकी कमी से इन तरंगों का प्रवाह होता ठीक वैसे होता रहता है जैसे जह आप किसी नल को ठीक से बंद नहीं करते और उससे लगातार बूंद बूंद पानी टपकता रहता है।

4 of 6
जोड़ों के दर्द के लिए आ गई 'करामाती दवा' - फोटो : getty
लक्षण-
वैसे तो यह परेशानी बेहद आम है, लेकिन अमूमन लोगों में चालीस वर्ष की आयु के बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। जिस तरह अर्थराइटस में लोगों को पैरों में दर्द की शिकायत होती है, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होने पर दर्द के साथ कंपन, झनझनाहट और बेचैनी महसूस होती है। इसमें लोगों की नींद भी बाधित होती है।
विज्ञापन

5 of 6
sdf
रेस्टलेस लेग सिंड्रोम में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसके पैरों के भीतर कुछ रेंग रहा है। इसके बाद पैरों को हिलाने पर थोड़ा आराम महसूस होता है। इसलिए ऐसे मरीज अनजाने में ही अपने पैर हिला रहे होते हैं। ऐसे में सोना या बैठने का आप सोच भी नहीं सकते, क्योंकि इससे तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं ऐसे में अगर आप उठकर थोड़ा चलेंगे तो आपको राहत महसूस होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
जोड़ों के दर्द के लिए आ गई 'करामाती दवा' - फोटो : getty
बचाव
-अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जि़यों, अंडा, चिकन और मिल्क प्रोडक्ट्स को शामिल करें।
-शराब और सिगरेट से कोसों दूर रहें, क्योंकि इनके सेवन से डोपामाइन की कमी हो जाती है।
-इसके लक्षण दिखाई दे तो बिना देरी करें डॉक्टर को दिखाएं।
-डोपामाइन हॉर्मोन का स्तर बढ़ाने वाली दवाओं के नियमित सेवन से यह बीमारी दूर हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें