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Health Tips: वायरल बुखार और जुकाम ठीक होने के बाद तुरंत न करें ये गलतियां, वरना फिर से बढ़ सकती है बीमारी

Fri, 10 Oct 2025 03:17 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अक्सर ये देखने को मिलता है कि जो लोग वायरल बुखार से तुरंत ठीक होते हैं, वो दोबारा बीमार हो जाते हैं। ऐसा होने के पीछे आमतौर पर उन्हीं की कुछ लापरवाहियां होती हैं।
  • इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि बुखार और जुकाम ठीक होने के तुरंत बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
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सर्दी-जुकाम ठीक होने के बरतें ये सावधानियां - फोटो : Freepik.com
Viral Fever Recovery Tips: जब हम वायरल बुखार या सामान्य जुकाम से ठीक होते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है कि अब सब सामान्य हो गया और हम अपनी पुरानी दिनचर्या में तुरंत लौट सकते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह वह समय होता है जब हमारा शरीर सबसे कमजोर होता है और उसे पूरी तरह से रिकवर होने के लिए अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।

बीमारी से लड़ने में हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत ज्यादा ऊर्जा खर्च कर चुकी होती है, ऐसे में शरीर थोड़ा कमजोर हो चुका होता है। इस दौरान की गई छोटी सी लापरवाही भी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, जिसे 'सेकेंडरी इन्फेक्शन' कहा जाता है।

इसलिए जैसे ही आपका बुखार ठीक होता है या जुकाम के लक्षण कम होते हैं, ऐसी स्थिति में कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए। आपके शरीर को पूरी तरह से मजबूत होने में बीमारी ठीक होने के बाद भी कुछ दिन लग सकते हैं, और इस दौरान की गई गलतियां आपके स्वास्थ्य को फिर से खतरे में डाल सकती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में किन गलतियों से बचना चाहिए।
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ठंडी चीजों से परहेज करें - फोटो : Adobe stock
ठंडी चीजों से परहेज करें
बीमारी से उबरने के बाद तुरंत ही ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए। ये आपके गले और फेफड़ों की संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं, जिससे बलगम जमा हो सकता है और खांसी या जुकाम दोबारा शुरू हो सकता है। 

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इंटेंश वर्कआउट से बचें - फोटो : Adobe Stock
अत्यधिक मेहनत और इंटेंस वर्कआउट से बचें
बीमारी से उबरने के बाद तुरंत ही इंटेंस वर्कआउट शुरू करना सबसे बड़ी गलती है। आपका शरीर पहले से ही थकान महसूस कर रहा होता है और मांसपेशियों की मरम्मत हो रही होती है।

ज्यादा कसरत करने से शरीर पर दबाव पड़ता है, जिससे आपकी इम्यूनिटी फिर से कमजोर हो सकती है और आप आसानी से किसी नए वायरस या बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए कुछ दिनों तक धीरे-धीरे सामान्य वॉक से वर्कआउट की शुरुआत करें।

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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
आहार में न बरतें ये लापरवाही
तबियत ठीक होते ही पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक या बाजार के जंक फूड की ओर ललचाना स्वाभाविक है, लेकिन यह आपके सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। रिकवरी के दौरान आपके शरीर को पोषक तत्वों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

हल्का सुपाच्य और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला भोजन जैसे दलिया, सूप, मौसमी फल और सब्जियां ही खाएं। जंक फूड्स में पोषक तत्व कम और सेचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जिससे पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है और रिकवरी धीमी हो सकती है।

 
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नींद को प्राथमिकता दें - फोटो : adobe stock
नींद को प्राथमिकता दें
अक्सर ऐसा होता है कि लोग ठीक होते ही अपने छूटे हुए काम को पूरा करने के लिए देर रात तक जागना शुरू कर देते हैं। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर को सेहतमंद होने का समय नहीं मिल पाता है।

नींद के दौरान ही शरीर अपनी मरम्मत का काम करता है और इम्यूनिटी को रीचार्ज करता है। इसलिए बीमारी ठीक होने के बाद भी कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें। यह आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की रिकवरी के लिए बेहद जरूरी है।

 
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दवा का कोर्स पूरा करें - फोटो : Freepik.com
दवाई का कोर्स अधूरा न छोड़ें
अगर डॉक्टर ने आपको एंटीबायोटिक्स या कोई अन्य दवा दी है, तो लक्षण ठीक होते ही उसे अधूरा न छोड़ें। कई बार मरीज बेहतर महसूस करने पर दवा लेना बंद कर देते हैं, जिससे बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं हो पाते और बीमारी फिर से उभर सकती है। इसलिए डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे कोर्स को समाप्त करें, और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा दोबारा शुरू न करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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