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Ebola Alert: अब राजस्थान में सामने आया इबोला का संदिग्ध मामला, जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय की लेटेस्ट अपडेट

Sat, 06 Jun 2026 07:58 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ebola In India: कांगो-यूगांडा सहित दुनिया के कई देशों में इन दिनों इबोला का खतरा देखा जा रहा है। भारत में भी इबोला को लेकर अलर्ट किया गया है। यहां अब तक तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं, हालिया मामला राजस्थान से रिपोर्ट किया गया है। जानिए पूरी अपडेट...
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
दुनिया के कई देशों में इबोला का व्यापक प्रकोप देखा जा रहा है। कांगो-यूगांडा से शुरू हुआ संक्रमण का दौर कई अन्य देशों के लिए भी चिंताएं बढ़ाता देखा जा रहा है। दुर्लभ 'बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन' के कारण फैले इस संक्रमण में अब तक कांगो में 363 कन्फर्म मामले और 62 मौतें रिपोर्ट की गई हैं, साथ ही 100 से ज्यादा संदिग्ध मामलों की अभी जांच चल रही है। वहीं युगांडा में 15 कन्फर्म मामले जिनमें एक कन्फर्म मौत देखी गई है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक संदिग्ध मामलों में कमी देखी जा रही है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जोखिम का आकलन अभी भी बहुत अधिक बना हुआ है। अफ्रीकी देशों के अलावा यूरोपीय और एशियाई देशों में भी संक्रमण का जोखिम देखा जा रहा है। भारत में भी इबोला को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों की जांच कर उनमें लक्षण दिखते ही आइसोलेट किया जा रहा है।

देश में अब तक चार संदिग्धों की खबर है, हालिया मामला हैदराबाद से सामने आ रहा है।
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इबोला संकट-भारत में कितना खतरा? - फोटो : Amarujala.com/AI

जयपुर में सामने आया संदिग्ध मामला

राजस्थान के जयपुर में इबोला वायरस संक्रमण का एक संदिग्ध मामला सामने आया है, इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। 
 
  • युगांडा की 19 वर्षीय महिला पर्यटक में इबोला जैसे लक्षण दिखाने के बाद उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। 
  • हालांकि अभी तक इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
  • युवती शुक्रवार सुबह शारजाह होते हुए जयपुर पहुंची थी। 
  • आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि मरीज में कुछ ऐसे लक्षण पाए गए हैं जो इबोला संक्रमण से मेल खाते हैं, लेकिन फिलहाल संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। 
  • अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। डॉक्टरों की टीम मरीज पर लगातार नजर बनाए हुए है।

हैदराबाद में संक्रमण का मामला

गुरुवार (4 जून) की सुबह हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे सूडान के एक नागरिक को आइसोलेट करके सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल भेज दिया गया था। एयरपोर्ट के हेल्थ अधिकारियों ने इंटरनेशनल यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान उनमें बुखार के लक्षण पाए थे। शुक्रवार सबुह उसका बुखार ठीक था और फिलहाल उसे घर में आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है।


इससे पहले बंगलूरू और गुजरात में संदिग्धों की खबर सामने आई थी।
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इबोला वायरस - फोटो : ANI
भारत में कोई भी कंफर्म केस नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3 जून को अपनी हालिया जानकारी में कहा, "भारत में इबोला कोई कंफर्म मामला सामने नहीं आया है।
 

हालांकि, मंत्रालय ने युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे लक्षणों के प्रति सतर्क रहें और अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टरी सलाह लें। जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता के लिए MoHFW की 24x7 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करें।"
 
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इबोला से कैसे बचें (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock
इबोला के खतरे से बचने की सलाह

इबोला के जोखिमों के बीच 29 मई की रिपोर्ट में हमने बताया था कि इस बीच डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि इबोला का मौजूदा प्रकोप इतनी तेजी से फैल रहा है कि इसे काबू करना मुश्किल हो रहा है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य संकट के और गहराने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि लेटेस्ट रिपोर्ट में स्थिति कुछ कंट्रोल में लग रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इबोला से बचाव को लेकर अलर्ट रहना जरूरी है। कुछ स्थितियों में इसके गंभीर जोखिम भी हो सकते हैं। 
 
  • बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लक्षणों में शुरुआत में फ्लू जैसा बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और दस्त होते हैं। 
  •  गंभीर स्थितियों में ये आंतरिक रक्तस्राव और ऑर्गन फेलियर का भी कारण बन सकता है।
  • मरीजों में लक्षण दिखने शुरू होने से 21 दिनों पहले से ही शरीर में वायरस हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय उनसे दूसरों को भी संक्रमण का खतरा रहता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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