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Cholesterol Risk: क्या वास्तव में लहसुन खाने से कंट्रोल होता है कोलेस्ट्रॉल?

Fri, 05 Jun 2026 08:00 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। इसे कंट्रोल करने के उपाय करने जरूरी हैं। क्या लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है?
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
कोलेस्ट्रॉल को सेहत का अदृश्य दुश्मन कहें तो ये गलत नहीं होगा। अक्सर हम सभी कोलेस्ट्रॉल की समस्या को तब तक बहुत गंभीरता से नहीं लेते जब तक इससे हार्ट और ब्रेन को कोई गंभीर नुकसान न होने लगे। सबसे खतरनाक बात यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल वर्षों तक बिना स्पष्ट लक्षण के शरीर में बढ़ता रहता है और धीरे-धीरे धमनियों को ब्लॉक करने लगता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के अलावा शारीरिक गतिविधि और तनाव ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है-गुड और बैड।

गुड कोलेस्ट्रॉल अच्छी सेहत के लिए जरूरी है पर बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल दिल की धमनियों में चिपककर उन्हें संकरा कर देता है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता रहा है कि लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या कम हो सकती है? क्या वास्तव में लहसुन खाना फायदेमंद है?
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बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
पहले जान लीजिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ता क्यों है?

हाई कोलेस्ट्रॉल के पीछे कई कारण हैं। 
 
  • खान-पान की गड़बड़ी जैसे ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट वाली चीजें अधिक खाने से इसका खतरा रहता है। तला-भुना भोजन, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड स्नैक्स आपके लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं।
  • इसके अलावा शारीरिक गतिविधि की कमी और एक्सरसाइज न करने को भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाला पाया गया है। 
  • मोटापा के शिकार लोगों में भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या अधिक देखी जाती रही है।
  • धूम्रपान और शराब भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या बढ़ाकर हृदय के लिए मुश्किलें बढ़ा देते हैं। 
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लहसुन से कम होता है कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Freepik
क्या लहसुन खाने से मिलता है लाभ?

डॉक्टर कहते हैं कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल सुधारने के लिए खान-पान में सुधार सबसे जरूरी है। लहसुन में कई ऐसे यौगिक पाए गए हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं।

अध्ययन में पाया गया कि लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक यौगिक बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। नियमित रूप से कच्चा लहसुन खाने से कुल कोलेस्ट्रॉल में सुधार हो सकता है। कच्चे लहसुन में एलिन नाम का एक पदार्थ होता है। हवा के संपर्क में आने पर एलिन, एलिसिन नाम के सल्फर-युक्त कंपाउंड में बदल जाता है। एलिसिन की वजह से ही लहसुन में खास गंध होती है।

कई अध्ययनों में एलिसिन को बहुत लाभकारी बताया गया है।
 
  • बैड कोलेस्ट्रॉल कम करता है।
  • इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बेहतर करने में मददगार।
  • ब्लड प्रेशर कम होता है।

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लहसुन के फायदे जानते हैं आप? - फोटो : freepik.com
अध्ययनों से क्या पता चला?
 
  • साल 2020 की एक समीक्षा में कई ऐसी रिपोर्ट्स का जिक्र है जिनसे पता चलता है कि ब्लैक गार्लिक एक्सट्रैक्ट (पुराने काले लहसुन का अर्क) बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में  बहुत मददगार हो सकता है।
 
  • साल 2016 में 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन' में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल ज्यादा था। आठ हफ्तों तक रोज 20 ग्राम कच्चा लहसुन (लगभग चार कलियां) और एक बड़ा चम्मच नींबू का रस लेने के बाद उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल में काफी कमी आई।
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : Freepik.com
कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय 

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना सबसे जरूरी है।
 
  • सैचुरेटेड और ट्रांस फैट को कम करके फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए। 
  • नियमित व्यायाम, रोज 30 मिनट वॉक और योग भी बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है। 
  • वजन कंट्रोल करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि मोटापा कोलेस्ट्रॉल की समस्या को बढ़ाता है।
  • धूम्रपान छोड़ना और शराब छोड़ना कोलेस्ट्रॉक कंट्रोल करने के लिए सबसे जरूरी है।



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स्रोत:
Garlic and Heart Disease 1–3


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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