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Health Tips: डॉ. ने बताया किशमिश और दूध का पावरफुल नुस्खा, पेट की हर प्रॉब्लम होगी छू मंतर

Fri, 19 Sep 2025 02:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • किशमिश और दूध दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। जब इन्हें साथ मिलाकर सेवन किया जाता है तो इनके गुण कई गुना बढ़ जाते हैं। इम्युनिटी और पाचन स्वास्थ्य में सुधार की बात हो या आंखों की रोशनी बढ़ाना ये उपाय आपको कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है।
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आहार में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर में मौजूद सूखा मेवा और एक गिलास दूध मिलकर आपकी सेहत के लिए जादू कर सकते हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं दूध और किशमिश की। दूध तो बचपन से ही पूरे शरीर की ताकत का पर्याय माना जाता रहा है और किशमिश को सूखे फलों का राजा। लेकिन जब ये दोनों साथ आते हैं, तो इनके फायदे दोगुने नहीं बल्कि कई गुना बढ़ जाते हैं। यह जोड़ी सिर्फ शरीर को ऊर्जा नहीं देती बल्कि पाचन, इम्युनिटी, हड्डियों, दिल, खून और दिमाग, पूरे शरीर को मजबूत बनाती है।

किशमिश और दूध दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। जब इन्हें साथ मिलाकर सेवन किया जाता है तो इनके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। इम्युनिटी और पाचन स्वास्थ्य में सुधार की बात हो या हड्डियों की ताकत बढ़ाना, ये उपाय आपको कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है।
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किशमिश को दूध के साथ मिलाकर खाएं - फोटो : Freepik.com
दूध में किशमिश मिलाकर सेवन करने के लाभ

किशमिश प्राकृतिक शुगर जैसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज का बेहतरीन स्रोत है, जो तुरंत ऊर्जा देता है। वहीं दूध में मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मिलकर शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि किशमिश का नियमित सेवन एथलीट्स की थकान कम करता है और ऊर्जा बढ़ाता है। दूध और किशमिश साथ लेने से यह फायदा और बढ़ जाता है।

आइए जानते हैं कि किशकिश वाला दूध पीना आपकी सेहत के लिए और किस प्रकार से फायदेमंद हो सकता है?
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किशमिश खाने के कई सारे लाभ - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. राजीव पुंडीर कहते हैं, किशमिश वाला दूध पीने से शरीर तंदुरुस्त रहता है साथ ही स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने में भी मदद मिलती है।  इसे तैयार करने के लिए 5-6 किशमिश को रात भर दूध में डालकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

दूध में किशमिश को भिगोकर सेवन करने के कई लाभ हैं। यह न सिर्फ स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाता है। इस दूध में कई पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन सी. ए. डी. बी12, थायमिन, राइबोफ्लेविन होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ गैस, एसिडिटी और कब्ज से छुटकारा दिलाते हैं।

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नट्स और दूध - फोटो : Freepik.com
पाचन होता है ठीक

किशमिश वाला ये दूध, इसमें मौजूद फाइबर के चलते कब्ज को दूर करता है। किशमिश वाले दूध में पोटैशियम, फाइबर और अन्य बायोएक्टिव यौगिक जैसे फिनोल और टैनिन भी होते हैं, जो दिल को सेहतमंद रखते हैं। इसके सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है, साथ ही यह शरीर में खून की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है।

अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती है, तो आप किशमिश वाले दूध का सेवन करें। इसके लिए आप किशमिश को दूध में पकाकर रात को सोते समय लें। इससे सुबह पेट अच्छी तरह साफ होता है।
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हड्डियों को बनाएं मजबूत - फोटो : Freepik.com
हड्डियों की समस्या और एनीमिया में लाभकारी

दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत है, वहीं किशमिश में बोरॉन नामक मिनरल पाया जाता है जो कैल्शियम को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार, बोरॉन हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। इस तरह दूध और किशमिश का मिश्रण हड्डियों को मजबूत करने के साथ-साथ दांतों की सेहत भी बेहतर करता है।

इसके साथ किशमिश में आयरन, कॉपर और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। दूध में मौजूद प्रोटीन और विटामिन्स इन पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाते हैं। जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी (2018) में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक किशमिश का नियमित सेवन हीमोग्लोबिन बढ़ाने और एनीमिया से बचाने में मदद करता है। इसलिए दूध के साथ किशमिश का सेवन खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए फायदेमंद है।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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