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Alert: आंखों के लिए विटामिन-डी भी जरूरी, थाली में शामिल कर लें ये चीजें वरना जा सकती है रोशनी

Thu, 18 Sep 2025 07:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विटामिन डी आपके स्वास्थ्य के कई पहलुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जिसमें आपकी आंखें भी शामिल हैं। 
  • आंखों को स्वस्थ रखना है तो आहार में विटामिन-डी की मात्रा को जरूर बढ़ा लें। आइए जानते हैं कि विटामिन-डी का आंखों से क्या लिंक है?
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विटामिन-डी की कमी से आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
Vitamin D & Eyesight: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, विटामिन-डी उनमें से एक है। ये विटामिन हड्डियों की मजबूती, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जाना जाता रहा है। क्या विटामिन-डी हमारी आंखों के लिए भी जरूरी होता है?

आमतौर पर विटामिन-डी को आंखों से जोड़कर नहीं देखा जाता है। पर कुछ शोध बताते हैं कि जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है उन्हें हड्डियों और इम्युनिटी में कमजोरी के साथ आंखों से संबंधित समस्याएं यहां तक कि अंधेपन का भी खतरा हो सकता है।

डॉक्टर्स कहते हैं, आंखों को स्वस्थ रखना है तो आहार में विटामिन-डी की मात्रा को जरूर बढ़ा लें। आइए जानते हैं कि विटामिन-डी का आंखों से क्या लिंक है?
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विटामिन-डी अच्छी सेहत के लिए जरूरी - फोटो : freepik.com
संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है विटामिन डी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विटामिन डी आपके स्वास्थ्य के कई पहलुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जिसमें आपकी आंखें भी शामिल हैं। धूप के संपर्क में आने के बाद हमारी त्वचा स्वत: विटामिन-डी बनाने लगती है। आप इसे भोजन या विटामिन सप्लीमेंट के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।

मैक्यूलर डिजनरेशन वयस्कों में अंधेपन का एक प्रमुख कारण है। यह आमतौर पर वृद्ध लोगों प्रभावित करता है। शोध से पता चलता है कि विटामिन-डी की कमी से आंखों की इस समस्या का खतरा बढ़ जाता है। मैक्यूलर डिजनरेशन के कारण अंधेपन का भी जोखिम रहता है।
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आंखों के लिए जरूरी है विटामिन-डी - फोटो : Freepik.com
आंखों के लिए विटामिन-डी

जब बात आंखों की सेहत की होती है तो लोग अक्सर विटामिन-ए को सबसे जरूरी मानते हैं, लेकिन कई शोध बताते हैं कि विटामिन-डी भी आंखों को स्वस्थ रखने में उतना ही जरूरी है।

विटामिन-डी आंखों में होने वाली सूजन को कम करता है और रेटिना की कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है। यह विटामिन आंखों की रक्त वाहिकाओं की सेहत को भी ठीक बनाए रखता है और नसों को मजबूत करता है। यानी, यह सिर्फ देखने की क्षमता ही नहीं बल्कि आंखों की पूरी संरचना की रक्षा करता है।

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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा

डॉक्टर कहते हैं, आपके शरीर में पर्याप्त विटामिन-डी का स्तर मैक्युलर डिजनरेशन को रोकने या धीमा करने में मदद कर सकता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि मैक्युलर डिजनरेशन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ा होता है। अत्यधिक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस आपके शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिनमें दृष्टि के लिए जरूरी कोशिकाएं भी शामिल हैं।

विटामिन-डी में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण होते हैं जो मैक्युलर डिजनरेशन का कारण बनने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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विटामिन-डी की कमी से कमजोर होती हैं हड्डियां - फोटो : Freepik.com
विटामिन-डी की कमी से होने वाली अन्य समस्याएं

अध्ययन बताते हैं कि विटामिन-डी की कमी भारत सहित दुनियाभर में एक आम समस्या बन चुकी है, और इसका असर सिर्फ हड्डियों पर नहीं बल्कि आंखों और इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। अगर शरीर में विटामिन-डी की कमी हो जाए, तो सबसे पहले हड्डियों पर असर दिखता है।
  • बच्चों में यह रिकेट्स नामक बीमारी का कारण बनता है जिसमें हड्डियां कमजोर और टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं।
  • बड़ों में इसका असर ऑस्टियोपोरोसिस के रूप में दिखता है, जिसमें हड्डियां भुरभुरी और दर्दनाक हो जाती हैं।
  • इसके अलावा विटामिन-डी की कमी से बार-बार थकान, मांसपेशियों में दर्द, मूड स्विंग्स और डिप्रेशन भी हो सकते हैं।
  • अध्ययनों से यह भी साबित हुआ है कि इसकी कमी वाले लोगों में हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर का खतरा भी ज्यादा होता है। 



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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