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National Doctors Day: मानसून में कमजोर इम्युनिटी वालों में कई बीमारियों का खतरा, ऐसे रखें सेहत का ख्याल

Sat, 01 Jul 2023 11:23 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसून में होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock
मानसून का सीजन कई बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाला माना जाता है। बरसात और वातावरण में नमी का यह मौसम कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त होता है, इसके अलावा जल-जमाव की समस्या मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस मौसम में बीमारियों के बढ़ते जोखिमों को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है, विशेषतौर पर उन लोगों को जिनकी इम्युनिटी पहले से ही कमजोर है।

डॉक्टर कहते हैं, मानसून के दिनों में खान-पान को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि आप उन उपायों को प्रयोग में लाएं जिनसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिल सके। हालांकि ध्यान दें, सामान्य मौसम में कई ऐसी चीजें जो इम्युनिटी के लिए आवश्यक मानी जाती हैं, उन्हें बरसात के दिनों में न खाने-पीने की सलाह दी जाती है, इसलिए आहार का चयन सावधानी से किया जाना चाहिए।

नेशनल डॉक्टर्स डे पर आइए जानते हैं कि इम्युनिटी को मजबूती देने के लिए इन दिनों किन चीजों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है?
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विटामिन-सी इम्युनिटी के लिए आवश्यक - फोटो : iStock
विटामिन सी-डी वाली चीजों का सेवन

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए आहार में विटामिन-सी और डी से भरपूर चीजों को शामिल करें, विटामिन सी सर्वोत्तम इम्युनिटी बूस्टर में से एक है। बारिश के मौसम में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। विटामिन सी फागोसाइट्स के कार्य को बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। सभी खट्टे फलों जैसे संतरे, नींबू और नीबू में मौजूद ये विटामिन होता है। 

इसी प्रकार विटामिन-डी वाली चीजें भी इम्युनिटी को बढ़ाती हैं, कई प्रकार के नट्स और आहार जैसे मशरूम, साबुत अनाज आदि से विटामिन-डी प्राप्त किया जा सकता है।
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एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजों का करें सेवन - फोटो : istock
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ

एंटीऑक्सीडेंट, शरीर में फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में महत्वपूर्ण हैं। फ्री रेडिकल्स की अधिकता कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने से बचाने और इसे बढ़ावा देने में मदद करते हैं। आहार में अलग-अलग रंग की फल और सब्जियां शामिल करना आपके लिए एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है। ग्रीन-टी का सेवन भी लाभाकारी माना जाता है।

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भारतीय मसालों मे मौजूद पोषक तत्व - फोटो : istock
मसालों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण

भारतीय मसालों और जड़ी-बूटियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले बेहतरीन गुण होते हैं। हल्दी, मेथी, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी, जीरा, जायफल, तुलसी, धनिया, अदरक, करी पत्ता, और जैसे मसालों में मौजूद यौगिक और पोषक तत्व शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूती देते हैं। इसके अलावा, मसालों में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भी अधिक होती है। आहार में मसालों को शामिल करना जरूर सुनिश्चित करें।
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रोजाना करें योग-व्यायाम - फोटो : Pixabay
दैनिक व्यायाम सबसे आवश्यक

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खान-पान के साथ नियमित व्यायाम भी बहुत जरूरी है। शोध बताते हैं कि दिनचर्या में व्यायाम-योग को शामिल करना आपको स्वस्थ रखने और कई बीमारियों से बचाने में सबसे कारगर तरीका हो सकता है। नियमित व्यायाम से रक्तचाप कम होता है, आपका वजन नियंत्रण में रहता है और हृदय संबंधी स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। यह संक्रमणों के खिलाफ स्वस्थ प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सबसे जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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