यूं तो झूठ बोलना गलत बात है ये सीख हमें बचपन से ही दी जाती है लेकिन हाल ही में एक शोध किया गया है जिसमें पाया गया है कि जिन लोगों में उच्च मनोरोगी के लक्षय पाए जाते है वे लोग सामान्य लोगो की तुलना में झूठ बोलना जल्दी सीख लेते हैं।
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इस शोध में दावा किया गया है कि जिन लोगों में मनोरोग के अधिक लक्षण होते हैं वे झूठ सीखने में बेहतर होते हैं। शोध का कहना है कि मनोरोगी व्यावहारिक रूप से झूठे नहीं होते हैं।
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हांग कांग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अभ्यास कराया जिसमें कुछ तस्वीरों को देकर उनसे सच या झूठ बोलने को कहा गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों में मनोरोग के अधिक लक्षण होते हैं वे अभ्यास से पूर्व की तुलना में अधिक तेजी से झूठ बोल लेते हैं। वहीं, जिन लोगों में मनोरोग के कम लक्षण होते हैं उनके झूठ बोलने में कोई तेजी नहीं देखी गई।
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हांगकांग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया कि उच्च मनोविकृति वाले लोग सामान्य लोगों की तुलना में बिना प्रैक्टिस किए ज्यादा तेजी से झूठ बोल लेते हैं। इसके विपरीत जिन लोगों में मनोरोग के लक्षण कम होते हैं, वे झूठ बोलने की अपनी गति में कोई सुधार नहीं दिखा सके।